श्रावण के पहले सोमवार पर चित्रकूट में मानवता की गूंज: बुजुर्गों के आंसू पोछे, आशीर्वाद बटोरे

“नंगे को कपड़ा, भूखे को रोटी: यही है महादेव की असली पूजा” – स्मृतिशेष रमेश चंद्र…