श्रावस्ती। जिले में अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर अंकुश लगाने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। सीएमओ डॉ. अशोक कुमार सिंह के कड़े निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने शनिवार को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटरों और पैथोलॉजी लैब का औचक निरीक्षण किया। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध रूप से संचालित केंद्रों के संचालकों में दिन भर हड़कंप मचा रहा। अभियान के तहत क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट के नोडल अधिकारी डॉ. आरआर विश्वास और सहायक शोध अधिकारी सुरेश यादव की संयुक्त टीम ने कई केंद्रों पर दबिश दी। इस दौरान टीम ने केंद्रों की वैधता, वहां पंजीकृत और अधिकृत चिकित्सक की उपस्थिति, पंजीकरण प्रमाणपत्र सहित अन्य अनिवार्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। निरीक्षण के दौरान टीम ने सभी अस्पताल और केंद्र संचालकों को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि वे शासन द्वारा निर्धारित मानकों और नियमों के तहत ही केंद्रों का संचालन करें। दस्तावेजों में कमी या बिना मान्यता के चल रहे केंद्रों को चेतावनी देते हुए व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। सीएमओ ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत निर्देशित कि किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर भ्रूण के लिंग की जांच कतई नहीं होनी चाहिए।read more:https://pahaltoday.com/global-brokerage-firm-bernstein-wrote-a-letter-to-pm-modi-saying-economic-challenges-should-be-resolved/
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संचालकों को सूचित किया कि आम जनमानस को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण निरंतर जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिले में स्वास्थ्य मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई भी केंद्र अवैध रूप से लिंग जांच या अन्य किसी भी संदिग्ध गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।