गाजीपुर। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने शुक्रवार को अपने गाजीपुर भ्रमण के दौरान राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) में छात्राओं से संवाद कर उन्हें शिक्षा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ कानून पूरी सख्ती से लागू किए जा रहे हैं।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद उपाध्यक्ष ने विद्यालय की शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और छात्राओं से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के साथ अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने, आत्मनिर्भर बनने तथा जीवन में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।अपने संबोधन में उन्होंने घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, बाल विवाह, मानव तस्करी और साइबर अपराध जैसे मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अपराधों के विरुद्ध सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है।read more:https://khabarentertainment.in/meritorious-students-honored-at-klgm-inter-college-incentive-amount-of-%e2%82%b961000-distributed/ उन्होंने महिलाओं को संकट की स्थिति में महिला हेल्पलाइन 181, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और साइबर हेल्पलाइन 1930 का तत्काल उपयोग करने की सलाह दी।उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में संचालित वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता, चिकित्सीय सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जाता है। साथ ही अभिभावकों से अपील की कि वे बालिकाओं को शिक्षा, आत्मरक्षा, डिजिटल सुक्षा और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाएं।जीजीआईसी के कार्यक्रम के बाद उपाध्यक्ष ने जिला महिला चिकित्सालय का स्थलीय निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने महिला वार्ड, दवाओं की उपलब्धता, भर्ती मरीजों के उपचार, खान-पान और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने मरीजों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को स्वा सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने तथा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षकगण, छात्राएं तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।