महराजगंज/रायबरेली-भारत रत्न भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर “संविधान यात्रा” का आयोजन कर सामाजिक जागरूकता और संवैधानिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धांजलि का माध्यम बना, बल्कि समाज में समानता, न्याय और अधिकारों के प्रति चेतना जगाने का संदेश भी देता नजर आया।कार्यक्रम में सुषील पासी की अगुवाई में लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पोस्टर और बैनर के जरिए संविधान के महत्व, लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों पर जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि आज के समय में संविधान की मूल भावना को समझना और उसे जीवन में उतारना बेहद जरूरी है।इस मौके पर महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जैसे महान नेताओं के विचारों को भी याद किया गया, जिन्होंने देश के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।आयोजन में शामिल लोगों ने संकल्प लिया कि वे समाज में भेदभाव खत्म करने, शिक्षा को बढ़ावा देने और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार काम करेंगे।यह “संविधान यात्रा” एक सामाजिक अभियान के रूप में उभरती दिखी, जिसका उद्देश्य सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि दीर्घकालिक जागरूकता पैदा करना है।