गाजीपुर। जनपद में आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) के दौरान जिला प्रशासन ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए 18 परीक्षा केंद्रों पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से जलपान एवं अल्पाहार स्टॉल संचालित कराए। इस व्यवस्था से जहां परीक्षार्थियों, उनके अभिभावकों तथा परीक्षा ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण चाय, नाश्ता, पेयजल एवं अन्य खाद्य सामग्री सहजता से उपलब्ध हुई, वहीं समूहों से जुड़ी महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार और अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर भी मिला।read more:https://pahaltoday.com/district-supply-officer-inspected-the-farmer-registry-camp/
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल को परीक्षा केंद्रों पर अच्छा प्रतिसाद मिला। प्रशासन का मानना है कि सरकारी आयोजनों में स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी बढ़ाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। इससे पहले भी होमगार्ड भर्ती और पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान लगाए गए ऐसे स्टॉल महिलाओं के लिए लाभकारी साबित हुए थे, जिनसे समूहों की सदस्यों को अच्छी आय प्राप्त हुई थी।मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य केवल स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना भी है। इसी सोच के तहत भविष्य में भी विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों, मेलों, भर्ती परीक्षाओं और सार्वजनिक आयोजनों में स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि महिलाओं को नियमित आय के अधिक अवसर मिल सकें।उन्होंने कहा कि जनपद प्रशासन महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।