ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह के अंतर्गत उप कृषि निदेशक कार्यालय में जनजागरूकता कार्यशाला आयोजित

गाजियाबाद। ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह (BRICS Sustainable Lifestyle Week) के अंतर्गत निर्धारित थीम “Adoption of Sustainable Food Systems (सतत खाद्य प्रणालियों को अपनाना)” के तहत उप कृषि निदेशक कार्यालय के सभागार में जनजागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन उप कृषि निदेशक श्री आशीष कुमार सिंह की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें कृषि विभाग के समस्त तकनीकी कार्मिकों ने प्रतिभाग किया।कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों द्वारा सतत कृषि प्रणाली, फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों के संबंध में तकनीकी जानकारी प्रदान की गई।कार्यशाला में डॉ. प्रज्ञा द्वारा फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों के विषय में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उन्होंने फसल अवशेषों को जलाने के स्थान पर उनका उचित प्रबंधन करने तथा मृदा एवं पर्यावरण संरक्षण में उनकी उपयोगिता के बारे में बताया।डॉ. क्षितिज द्वारा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने के संबंध में तकनीकी कार्मिकों को विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के महत्व, उनके लाभ तथा किसानों को इन पद्धतियों के प्रति जागरूक करने के तरीकों पर प्रकाश डाला।इसी क्रम में डॉ. मोनिका द्वारा फसल अवशेष विश्लेषण (Crop Residue Analysis) विषय पर चर्चा की गई।

read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette उन्होंने फसल अवशेषों के विश्लेषण की आवश्यकता, इसके महत्व तथा कृषि एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों के संबंध में जानकारी साझा की।कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए उप कृषि निदेशक श्री आशीष कुमार सिंह ने “Adoption of Sustainable Food Systems” विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने सतत खाद्य प्रणालियों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कृषि उत्पादन के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन एवं प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी तकनीकी कार्मिकों से अपेक्षा की कि वे कार्यशाला में प्राप्त तकनीकी जानकारियों को किसानों तक पहुंचाएं तथा उन्हें जैविक एवं प्राकृतिक खेती और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृषि विभाग के तकनीकी कार्मिकों को सतत खाद्य प्रणालियों के प्रति जागरूक एवं प्रशिक्षित करना तथा उनके माध्यम से जनपद के किसानों तक वैज्ञानिक एवं पर्यावरण हितैषी कृषि तकनीकों की जानकारी पहुंचाना है।कृषि विभाग, जनपद गाजियाबाद द्वारा किसानों एवं विभागीय कार्मिकों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

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