झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की लगातार घटनाओं और उसके बाद शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) मिर्जापुर इकाई ने डंकीनगंज चौराहा पर एक अत्यंत जोरदार और उग्र प्रदर्शन किया।इस विरोध प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह विफल करार देते हुए ’व्यवस्था की नाकामी’ का पुतला फूंका। ABVP के प्रमुख पदाधिकारियों अभाविप मिर्जापुर के विभाग संयोजक रिवेश सिंह पटेल व जिला संयोजक ओम दूबेने अपने संबोधन में इस बात पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया कि झारखंड में जिस प्रकार एक के बाद एक लगातार परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, उससे प्रदेश के लाखों मेहनती युवाओं और छात्रों का भविष्य पूरी तरह से अंधकारमय होता जा रहा है। जब इन भ्रष्ट व्यवस्थाओं और घोर अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी जायज आवाज उठाई, तो शासन-प्रशासन ने उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर लाठियों के दम पर दमन चक्र चलाया, जो कि अत्यंत निंदनीय और अलोकतांत्रिक कृत्य है।read more:https://pahaltoday.com/villagers-upset-over-garbage-dumping-staged-a-protest-at-the-district-collectorate/इस पूरे घटनाक्रम के विरोध में संगठन ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन के समक्ष अपनी तीन प्रमुख और स्पष्ट मांगें रखी है सबसे पहले झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कराने के पीछे सक्रिय सभी संगठित माफियाओं की तत्काल पहचान की जाए, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोर से कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।दूसरा, राज्य की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और फूल-प्रूफ बनाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मेधावी छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।तथा अपनी शिक्षा और अधिकारों की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों पर किसी भी प्रकार की पुलिसिया और दमनकारी कार्रवाई को तुरंत बंद किया जाए।प्रदर्शन के दौरान पूरा डंकीनगंज चौराहा ‘पेपर लीक बंद करो’ और ‘छात्रों पर अत्याचार नहीं सहेंगे’ जैसे गगनभेदी नारों से गूंजायमान होता रहा। इस दौरान एबीवीपी मिर्जापुर ने यह पूरी दृढ़ता के साथ दोहराया कि वे झारखंड के अपने सभी पीड़ित साथी छात्रों के हर एक हक और अधिकार की लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधا मिलाकर पूरी मजबूती से खड़े है।संगठन ने प्रशासन और सरकार को चेतावनी देते हुए अंत में यह भी स्पष्ट किया कि यदि समय रहते इन पेपर लीक माफियाओं पर लगाम नहीं कसी गई और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस छात्र आंदोलन को और अधिक उग्र स्वरूप दिया जाएगा। यह विरोध प्रदर्शन केवल कुछ छात्रों के तात्कालिक आक्रोश को व्यक्त करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह देश भर की शिक्षा व्यवस्था में दीमक की तरह व्याप्त भ्रष्टाचार और तानाशाही रवैये के खिलाफ एक बड़े जन-आंदोलन का स्पष्ट संकेत बन चुका है।