कानपुर देहात। कभी उत्तर प्रदेश शासन के खजाने से लाखों रुपए खर्च करके जरूरतमंद आम जनमानस को आश्रय प्रदान करने के लिए जिला अस्पताल परिसर में निर्मित कराया गया रैन बसेरा भवन विगत कई वर्षों से जनपद में संचालित 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवा का कार्यालय बना हुआ है। उपरोक्त रैन बसेरा भवन जरूरतमंदों को आश्रय देने के स्थान पर उपरोक्त एंबुलेंस सेवा की सामग्री एवं कबाड़ से भरा हुआ पड़ा है। विद्युत कनेक्शन विहीन उपरोक्त भवन में उपरोक्त एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने अपनी दबंगी के बल पर विद्युत लाइन पर कटिया डालकर विगत कई वर्षों से बिजली का निरंतर प्रयोग किया जा रहा है। वही जरूरतमंद लोग आपातकालीन स्थिति में इस रैन बसेरा भवन में आश्रय पाने से पूरी तरीके से वंचित हैं।read more:https://worldtrustednews.in/unidentified-vehicles-wreak-havoc-two-killed-two-seriously-injured-in-two-road-accidents/
जिला अस्पताल के इर्द-गिर्द रहने वाले लोगों ने दबी जुबान से बताया है कि उत्तर प्रदेश शासन ने कई वर्षों पहले जिला अस्पताल परिसर में किडनी डायलिसिस विभाग के द्वार के सामने लाखों रुपए खर्च करके एक रैन बसेरा का विशालकाय भवन निर्मित कराया था। कुछ वर्षों तक उपरोक्त भवन जरूरतमंद लोगों के लिए वरदान सिद्ध हुआ इसके बाद उपरोक्त भवन अधिकारियों की उपेक्षा का शिकार हो गया और इस भवन में ताला लटक गया। तत्पश्चात शासन की नवीन योजना के मुताबिक जिला अस्पताल परिसर में ही एक विशाल आश्रय गृह भवन का निर्माण विगत वर्षों कराया गया। उपरोक्त सुविधा युक्त विशाल भवन में जरूरतमंद लोगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप निशुल्क आश्रय मिल रहा है इधर रैन बसेरा के पुराने भवन में विगत वर्षों 108 102 एंबुलेंस सेवा के कुछ दबंग कर्मचारियों ने अपना कब्जा कर लिया और धीरे-धीरे यह भवन उपरोक्त एंबुलेंस सेवा का कार्यालय बन गया। स्थानीय लोगों ने बताया है कि वर्तमान समय में उपरोक्त भवन में उपरोक्त एंबुलेंस सेवा का कार्यालय संचालित है। उक्त एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों के द्वारा विद्युत लाइन में कटिया डालकर इस भवन के अंदर बिजली का उपयोग किया जा रहा है वही उपरोक्त विशालकाय भवन में उक्त एंबुलेंस सेवा से संबंधित सामग्री एवं कबाड़ भी भरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने जनपद के जिला अधिकारी से उपरोक्त रैन बसेरा को उक्त एंबुलेंस सेवा के कर्मचारियों से अभिलंब खाली करने का अनुरोध किया है।