बहराइच। विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति एवं पल्स पोलियो अभियान की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का संचालन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि जनपद में 28 जून 2026 से पल्स पोलियो अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा पोलियो वैक्सीन पिलाई जाएगी। जिलाधिकारी ने अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर समय से अंतरविभागीय बैठकों के आयोजन तथा माइक्रो प्लान पहले से तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 28 जून को आयोजित बूथ दिवस पर अधिक से अधिक बच्चों को कवर करने के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा सघन पर्यवेक्षण किया जाए।read more:https://pahaltoday.com/india-withdraws-from-hosting-cop-33-a-major-signal-in-climate-diplomacy/जननी सुरक्षा योजना के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जरवल, तेजवापुर एवं विशेश्वरगंज सहित अन्य केंद्रों द्वारा लाभार्थियों को भुगतान न किए जाने पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चल रहे अभियान की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए डीएम ने शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जाने के निर्देश दिए। वहीं राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक मरीजों की स्क्रीनिंग, एक्स-रे एवं स्पूटम जांच कराते हुए उनके खातों में पोषण हेतु एक हजार रुपये की धनराशि समय से हस्तांतरित करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डीएम ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य टीम के भ्रमण से पूर्व स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को सूचित किया जाए, ताकि बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। परिवार नियोजन कार्यक्रम की धीमी प्रगति पर भी नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए गए। राष्ट्रीय दृष्टिविहीनता कार्यक्रम के अंतर्गत मोतियाबिंद के अधिक से अधिक ऑपरेशन सरकारी अस्पतालों में कराए जाने तथा इसके लिए ब्लॉक व जनपद स्तर पर स्क्रीनिंग कैंप आयोजित करने को कहा गया। राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से व्यापक स्क्रीनिंग कराकर मरीजों को समय से उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने पोर्टल के माध्यम से इंडेंट जारी करने और रजिस्टर मेंटेन रखने के निर्देश दिए। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराने तथा नानपारा में पोषण पुनर्वास केंद्र संचालित कराने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त एम्बुलेंस सेवा 102, 108 एवं एएलएस की नियमित मॉनिटरिंग, अस्पतालों की साफ-सफाई तथा प्रसूताओं को मानक के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ, जेएसआई प्रतिनिधि, डीएचईआईओ बृजेश सिंह सहित सभी प्रभारी चिकित्साधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित l