शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने राज्य के 158 सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में फीस के ढांचे को नए सिरे से निर्धारित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हालिया समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इन स्कूलों में फीस का स्तर न्यूनतम रखा जाए। हालांकि विभाग ने आरक्षित वर्गों (SC/ST) के लिए 1500 रुपये और सामान्य वर्ग के लिए 1800 रुपये वार्षिक फीस का प्रस्ताव रखा था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे कम करने पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का प्राथमिक ध्येय मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि प्रदेश के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सस्ती शिक्षा उपलब्ध कराना है।वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026 के दाखिले पूरे होने के कारण, संशोधित और कम किया गया यह फीस ढांचा अगले सत्र से लागू होने की संभावना है।
शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए सरकार इन स्कूलों हेतु शिक्षकों का एक विशेष ‘सब-कैडर’ भी तैयार कर रही है। इस नई नीति के तहत इन स्कूलों में तैनात शिक्षकों का तबादला केवल अन्य सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में ही किया जा सकेगा, ताकि शिक्षण के मानकों में निरंतरता बनी रहे। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है। सत्र 2026-27 के लिए दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं वर्तमान में हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला द्वारा ही ली जाएंगी, जबकि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं वर्ष 2028 से पूर्ण रूप से शुरू होंगी। सरकार ने यह भी आश्वस्त किया है कि बोर्ड बदलने के बावजूद विद्यार्थियों को मिलने वाली अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ पूर्ववत जारी रहेगा।