पहले तपाया अब राहत की बूंदों के लिए तरसाएगा मॉनसून?

नई दिल्ली। मॉनसून केरल में 1 जून को आ जाएगा कुछ इसी तरह की संभावनाएं जताई जा रही थीं। अब माना जा रहा है सप्ताह के अंत तक इसकी दस्तक होगी। केरल में मॉनसून की देरी का मतलब है देश अन्य इलाकों में भी झमाझम में समय लगेगा। पहले इस मौसम ने लोगों को खूब तपाया अब राहत की बूंदों के लिए तरसा रहा है। इससे पहले लगाए गए एक पूर्वानुमान में कहा जा रहा था कि मॉनसून का इंतजार 11 मई तक हो सकता है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग ने नई संभावित तारीख का ऐलान अब तक नहीं किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में मौसम विभाग के एक मॉडल के हवाले से का जा रहा है कि मॉनसून 5-6 जून तक दक्षिण भारत पहुंच सकता है। कहा जा रहा है कि मॉनसून के लिए जरूरी मजबूत ऊपरी हवाओं को दक्षिण भारत में स्थापित होने में तीन से चार दिन लग सकते हैं। केरल में मॉनसून की शुरुआत काफी धीमी या हल्की रह सकती है, न कि बहुत धमाकेदार। बादलों की जो पूरी ताकत और झमाझम बारिश होती है, वह धीरे-धीरे ही रफ्तार पकड़ेगी। जीएफएस यानी ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम मॉडल के अनुसार, दक्षिण भारत के ऊपर पूर्वी हवाओं के मजबूती से बनने से पहले पश्चिम से नमी वाली हवाएं लेकर आ रहे एक पश्चिमी विक्षोभ को हटना होगा। माना जा रहा है कि ऐसा होने तक केरल में मॉनसून की रफ्तार काफी धीमी रहने की संभावनाएं हैं। read more:https://pahaltoday.com/women-and-girls-were-made-aware-under-mission-shakti-phase-5/ खास बात है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को मॉनसून ने फेल कर दिया है। पहले कहा जा रहा था कि 26 मई तक मॉनसून केरल पहुंच सकता है। वहीं, आईएमडी के अनुसार, इसकी सामान्य तारीख 1 जून है। अब दोनों ही तारीखों पर मॉनसून उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाया है। साल 2025 में 24 मई को मॉनसून केरल पहुंच गया था। फिलहाल क्या है केरल का हाल केरल में प्री मॉनसून बारिश ने कुछ राहत तो दी है, लेकिन अब तक मौसम विभाग ने मॉनसून के आगमन का ऐलान नहीं किया है। मॉनसून के आने के लिए ये तीन शर्तें पूरी होना जरूरी हैं। पहली, केरल के कम से कम 60 प्रतिशत मौसम केंद्रों पर लगातार बारिश हो। दूसरी, अरब सागर के ऊपर एक तय रफ्तार से हवाएं चलें। तीसरी, आसमान में बादलों की अच्छी-खासी मौजूदगी हो। मौजूदा स्थिति है कि बारिश और बादल तो अपनी भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं, लेकिन हवाएं कम साबित हो रही हैं। अब कहा जा रहा है कि इसकी वजह बंगाल की खाड़ी में जारी चक्रवाती गतिविधियों के चलते कमजोर हवाएं हैं। इसके चलते मॉनसून का बहाव कमजोर हुआ है। हालांकि, जानकारों का अनुमान है कि सोमवार से हवाएं मजबूत होना शुरू हो जाएंगी। यूपी कब तक पहुंचेगा मॉनसून उत्तर प्रदेश में मॉनसून पहुंचने की सामान्य तारीख 20 से 25 जून है। जबकि, दिल्ली में यह 25 जून तक पहुंचता है। अब तक मौसम विभाग की तरफ से इसके यूपी पहुंचने को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून 30 जून तक पूरे भारत को कवर कर लेता है।

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