पचपद्रा रिफाइनरी सहित दुनिया की कई रिफाइनरियों में आग…………संयोग या फिर कोई बड़ा पैटर्न

नई दिल्ली। राजस्थान के बाड़मेर जिले के पचपद्रा रिफाइनरी को लेकर बड़ा विवाद और चर्चा का माहौल बन गया है। यह वहीं परियोजना है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले थे। लेकिन उससे करीब 20 घंटे पहले यहां अचानक रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। इस घटना ने ना सिर्फ प्रशासन को सतर्क किया, बल्कि पूरे प्रोजेक्ट की सुरक्षा और समय पर संचालन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। करीब 13 वर्षों से चल रही यह परियोजना करीब 3 करोड़ की लागत से तैयार की गई थी और इस क्षेत्र के बड़े तकनीकी विकास के रूप में देखा जा रहा था। आग लगने की घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं और दावे सामने आ रहे हैं। कुछ लोग सामान्य तकनीकी दुर्घटना बता रहे हैं। जबकि कुछ इस आग को बड़े पैटर्न से जोड़कर देख रहे हैं। खास बात यह है कि हाल के महीनों में दुनिया के अलग-अलग देशों में रिफाइनरियों में आग, विस्फोट और तकनीकी खराबी की घटनाएं लगातार सामने आई हैं।read more:https://khabarentertainment.in/thieves-in-asothr-are-emboldened-they-broke-the-lock-searched-the-house-but-when-they-found-nothing-they-slipped-away-raising-questions-about-police-patrolling/ रिपोर्ट के अनुसार बीते कुछ महीनों से भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, रूस, पाकिस्तान और इक्वेटर जैसी जगहों पर रिफाइनरी से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इसी कड़ी में भारत में मुंबई हाई ऑयल फील्ड और अब राजस्थान की पचपद्रा रिफाइनरी का नाम भी सामने आ रहा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाएं अलग-अलग देशों में हो रही हैं। लेकिन इनकी टाइमिंग और पैटर्न सामना हैं। सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में दावा किया गया है कि ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी घटनाओं के पीछे कोई बड़ा वैश्विक बदलाव या दबाव का संकेत हो सकता है। पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका की कुछ रिफाइनरियों में भी हाल ही में आग या तकनीकी गड़बड़ी की घटनाएं सामने आई थी। इसके अलावा रूस और अन्य देशों में भी इसी तरह की घटनाओं का जिक्र हो रहा है। इन घटनाओं को जोड़कर कुछ लोग एक बड़े एनर्जी क्राइसिस पैटर्न के रूप में देख रहे हैं। जबकि विशेषज्ञों का एक बड़ा वर्ग संयोग और पुरानी संरचनाओं की वजह से होने वाली तकनीकी समस्याएं बता रही है।

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