खूनी नीलगाय का बहादुरगंज में खौफ बरकरार, बाजार में घुसी तो दहशत में दुबके लोग; प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

बहादुरगंज, गाजीपुर। बहादुरगंज क्षेत्र में खूंखार नीलगाय का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। खेत की रखवाली कर रहे एक वृद्ध पर हमला कर उनकी जान लेने की घटना के बाद भी नीलगाय को पकड़ने में वन विभाग और प्रशासन अब तक सफल नहीं हो सका है। शुक्रवार को नीलगाय एक बार फिर नगर क्षेत्र में दिखाई दी और मुख्य बाजार तक पहुंच गई। उसे देखकर लोगों में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया।बताया जाता है कि बुधवार की रात खेत की रखवाली कर रहे एक वृद्ध चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान खूंखार नीलगाय ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। गंभीर हालत में उनका उपचार कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत फैल गई और लोगों ने वन विभाग से तत्काल नीलगाय को पकड़ने की मांग की।घटना के अगले दिन वन विभाग की टीम ने सुबह से लेकर देर रात तक आसपास के खेतों और संभावित ठिकानों पर नीलगाय की तलाश की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आ सकी। टीम को वापस लौटना पड़ा।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि प्रशासन गंभीरता दिखाते हुए नीलगाय को पकड़ने के लिए प्रभावी अभियान चलाएगा, लेकिन शुक्रवार को नीलगाय एक बार फिर नगर में खुलेआम घूमती दिखाई दी।नीलगाय के मुख्य बाजार में प्रवेश करते ही दुकानदारों और राहगीरों में भय का माहौल बन गया। लोग अपनी दुकानों के भीतर दुबककर बैठ गए और राहगीर उससे दूरी बनाकर निकलते नजर आए। कई लोग नीलगाय को देखकर रास्ता बदलते और सुरक्षित स्थान की ओर भागते दिखाई दिए।स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले ही एक व्यक्ति की जान जा चुकी है और यदि समय रहते नीलगाय को नहीं पकड़ा गया तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने सवाल उठाया कि जब नीलगाय लगातार आबादी और बाजार क्षेत्र में घूम रही है, तो उसे पकड़ने के लिए प्रशासन और वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेषज्ञ टीम गठित कर नीलगाय को तत्काल सुरक्षित तरीके से पकड़ा जाए, ताकि नगरवासियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी दूसरी बड़ी घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल कार्रवाई करे।

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