गौशालाओं को लेकर सख्त हुई जिलाधिकारी, अक्रियाशील केंद्रों को तुरंत चालू करने के निर्देश

बिजनौर । जिले में संचालित गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में उन्होंने अक्रियाशील गौशालाओं को तत्काल क्रियाशील करने और निर्माणाधीन गौशालाओं को शीघ्र पूर्ण कर विभाग को सौंपने के निर्देश दिए। चारागाह भूमि की मैपिंग पर जताई नाराजगी समीक्षा के दौरान चारागाह भूमि की मैपिंग और उसमें चारा उगाने की कार्रवाई न होने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों—एसडीएम, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और खंड विकास अधिकारियों—को फटकार लगाते हुए आपसी समन्वय से हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गौवंश की देखभाल और सुरक्षा पर जोर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी गौ आश्रय स्थलों पर गौवंश का टीकाकरण और शत-प्रतिशत टैगिंग सुनिश्चित की जाए।read more:https://worldtrustednews.in/ghazipur-poetry-symposium-under-chetana-pravah-poets-enthralled-the-audience/ साथ ही आगामी त्योहारों को देखते हुए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर घूम रहे गौवंश पर विशेष निगरानी रखने को कहा, ताकि दुर्घटनाओं से बचाव हो सके। लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी बैठक में गौ आश्रय स्थल ननुपुरा के प्रबंधन में खामियां सामने आने पर संबंधित संस्था को चेतावनी दी गई कि यदि संचालन में सुधार नहीं हुआ तो प्रबंधन स्थानीय निकाय को सौंप दिया जाएगा अतिरिक्त शेड और संसाधनों की व्यवस्था के निर्देश क्षमता से अधिक गौवंश पाए जाने पर जिलाधिकारी ने अतिरिक्त शेड निर्माण कराने के निर्देश दिए। साथ ही भूसा, हरा चारा और दाना की उपलब्धता का नियमित रिकॉर्ड ऐप पर अपलोड करने के निर्देश ग्राम विकास सचिवों को दिए गए  समाधि स्थल और सम्मानजनक निस्तारण पर जोर मृत गौवंश के सम्मानजनक निस्तारण के लिए प्रत्येक गौ आश्रय स्थल के पास भूमि चिन्हित कर “गौवंश समाधि स्थल” विकसित करने और वहां बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रण विजय सिंह, एसडीएम सदर रितु चौधरी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी लोकेश कुमार अग्रवाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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