गाजीपुर। मानव धर्म प्रचार के महान प्रवर्तक एवं संत शिरोमणि परमहंस गंगाराम दास जी महाराज के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर शनिवार को 36वें वार्षिक मानव धर्म सम्मेलन का भव्य एवं दिव्य आयोजन श्री राम जानकी मंदिर परिसर, गुरैनी (शादियाबाद), जनपद गाजीपुर में मानव धर्म प्रचार समाज सेवी संस्था के तत्वावधान में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। सम्मेलन में दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे परिसर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ संत-महात्माओं के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार, सत्संग एवं गुरु वंदना के साथ हुआ। इसके बाद आयोजित आध्यात्मिक प्रवचनों में मानव धर्म के मूल सिद्धांतों, सत्य, अहिंसा, प्रेम, सेवा, भाईचारा, सदाचार और नैतिक जीवन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को जोड़ने और मानवता को मजबूत बनाने के लिए संतों के आदर्शों को जीवन में अपनाना अत्यंत आवश्यक है।सम्मेलन को संबोधित करते हुए सर्वांकर महंत भोला दास महाराज ने कहा कि परमहंस गंगाराम दास जी महाराज का संपूर्ण जीवन मानव सेवा, आध्यात्मिक जागरण और सामाजिक समरसता को समर्पित रहा।redad more:https://khabarentertainment.in/khadiya-bazar-kota-road-becomes-a-death-trap-commuters-plagued-by-potholes-and-waterlogging/उनके बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में शांति, सद्भाव और नैतिक मूल्यों की स्थापना की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मानव धर्म सम्मेलन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त अभियान है।सम्मेलन में जनपद गाजीपुर सहित आसपास के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी एवं समाजसेवी शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने संत शिरोमणि परमहंस गंगाराम दास जी महाराज के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मानव धर्म के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान भक्ति संगीत, सत्संग और आध्यात्मिक प्रवचनों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।इस अवसर पर गोरख दास बाबा, गजराज दास बाबा, दया राम दास, योगेश बाबा, राजमणि यादव, हरिकेश यादव, रोहित यादव, मटरू, गोपी, राजू यादव, दीना यादव, रजनीश यादव सहित बड़ी संख्या में संत, सतीश कुशवाहा, अजीत विक्रम यादव,श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन सत्यप्रकाश यादव ने किया।सम्मेलन के अंत में संतों ने मानवता, सेवा, प्रेम और सदाचार के मार्ग पर चलने का आह्वान करते हुए विश्व कल्याण एवं समाज में शांति और सौहार्द की कामना की।