काले कपड़े पहनकर सदन में आने वाले अपने दिन भूल गए, लेकिन जनता इनके काले कारनामे नहीं भूली: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी’

नई दिल्ली , । हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि काले कपड़े पहनकर विधानसभा के पवित्र सदन में आने वाले कांग्रेस के नेता भले ही अपने शासनकाल में किए काले कारनामें भूल गए हों लेकिन जनता इनके शोषण और अत्याचार को नहीं भूली है। लोगों को आज भी याद है कि कांग्रेस की नीतियां जनहित की बजाय लोगों को प्रताड़ित करने वाली थीं। गरीबों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते थे, बुजुर्ग पेंशन के लिए भटकते थे, लोगों को गैस सिलेंडर लेने के लिए चार-चार दिन तक लाइनों में लगा रहना पड़ता था और युवाओं को नौकरियों के लिए भ्रष्ट व्यवस्था से जूझना पड़ता था। लेकिन पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र व राज्य की डबल इंजन सरकारों ने उस व्यवस्था को बदलकर योजनाओं और सेवाओं को सीधे पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने यह बात बृहस्पतिवार को हरियाणा निवास में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही। उन्होंने हरियाणा व पंजाब की कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी को घेरते हुए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर सवाल उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में कांग्रेस ने राहुल गांधी के कहने पर काले कपड़े पहन लिए हैं तो अब राहुल गांधी को भी काले कपड़े पहन लेने चाहिए। कांग्रेस नेताओं, विशेषकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जनता को यह बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में प्रदेश के गरीब, युवाओं, महिलाओं बुजुर्गों और आम आदमी के लिए क्या व्यवस्था थी। आज जिन प्रदेशों में भाजपा की सरकार है वहां की डबल इंजन सरकारें मोदीजी के सभी संकल्पों और जनता से किए वादों को समय से पहले पूरा कर रही हैं।read more:https://pahaltoday.com/the-houses-of-people-living-on-government-land-were-demolished/
कांग्रेस ने घोषणाओं की टॉफियां बांटीं, हमने व्यवस्था बदलकर सीधे खाते में पहुंचाया लाभ:
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों की सरकारों में वोट हासिल करने के लिए घोषणाएं की जाती है, उनके लिए राजनीति किसी दुकानदारी की तरह है, लोगों को घोषणाओं की टॉफियां बांटों और सत्ता हासिल करो। लेकिन ये पार्टियां जब सत्ता में आ जाती हैं तो पांच साल के लिए घोषणाओं को भूल जाती हैं। फिर चुनाव के समय लोगों को बरगलाने के लिए नई घोषणाएं करने लग जाती हैं।
लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस व्यवस्था को बदलने का काम हुआ है। आज सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की राशि सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचा रही है।  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जहां-जहां डबल इंजन की सरकार हैं, वहां गरीब को मजबूत करने, महिलाओं को सशक्त बनाने, बुजुर्गों को सम्मान से जीवन जीने और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
’लाडो लक्ष्मी योजना से बहनों को मिल रहा आर्थिक संबल’
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में माताओं-बहनों से चुनाव पूर्व किए गए वादे के अनुरूप दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के माध्यम से प्रतिमाह 2100 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है। अब तक एक लाख रुपये सालाना आमदनी वाले परिवारों की माताओं-बहनों को इस योजना का लाभ मिलता था जबकि भविष्य में इसका दायरा बढ़ाकर 1.80 लाख रुपये सालाना आमदनी वाले परिवारों की माताओं-बहनों को भी इसका लाभ मिलेगा जिसके लिए महिलाओं का रजिस्ट्रेशन 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस’ से शुरू किया जाएगा। इसी प्रकार हमारी सरकार द्वारा प्रो-एक्टिव मॉडल अपनाकर पात्र बुजुर्गों को घर बैठे उनके खातों में पेंशन दी जा रही है। पुराना समय याद करें तो कांग्रेस के शासनकाल में बुजुर्गों को पेंशन बनवाने के लिए सालों-साल न केवल सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे बल्कि रिश्वत के रूप में दो-दो महीने की पेंशन अफसरों व नेताओं को देनी पड़ती थी।

कांग्रेस के समय सिलेंडर के लिए कई-कई दिन करना पड़ता था इंतजार:
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में आम व्यक्ति को गैस सिलेंडर लेने के लिए चार-चार दिन तक लाइनों में लगे रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था। गरीब परिवारों के लिए तो गैस सिलेंडर हासिल करना और भी मुश्किल था। कांग्रेस शायद उन दिनों को भूल गई होगी, लेकिन जनता नहीं भूली है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गरीब माताओं-बहनों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाकर उनके जीवन को आसान बनाने का काम किया गया।
पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के संबंध में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार नशा रोकथाम में पूरी तरह से फेल साबित हुई है। जबकि हरियाणा सरकार युवाओं को नशे से दूर रखकर उन्हें खेलों और शिक्षा से जोड़ रही है और नशा मुक्त हरियाणा के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है जिसमें हर महीने लाखों युवा भागीदारी करते हैं। जमीनी स्तर पर खेल संसाधनों को मजबूत किया जा रहा है, ताकि युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *