जन औषधि केंद्र की आड़ में कथित प्राइवेट प्रैक्टिस का आरोप, पिंकी वर्मा की भूमिका पर उठे सवाल

जनपद लखीमपुर खीरी। प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र रायपुर घुनसी की आड़ में कथित रूप से प्राइवेट प्रैक्टिस किए जाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जन औषधि केंद्र की संचालक पिंकी वर्मा केंद्र के संचालन के साथ-साथ मरीजों का इलाज भी करती हैं।ग्रामीणों के मुताबिक, केंद्र पर दवाओं की बिक्री के अलावा मरीजों को चिकित्सकीय सलाह और उपचार दिए जाने की बात सामने आ रही है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि संबंधित महिला के पास चिकित्सकीय डिग्री अथवा पर्याप्त चिकित्सा अनुभव नहीं है। ऐसे में बिना वैध चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज किए जाने की स्थिति में गरीब और ग्रामीण मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।read more:https://pahaltoday.com/ballia-police-receive-two-modern-interceptor-bikes-sp-omvir-singh-flags-them-off/स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र का मुख्य उद्देश्य लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना है। यदि किसी केंद्र की आड़ में बिना आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता के प्राइवेट प्रैक्टिस की जा रही है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है।अब सवाल यह है कि संबंधित विभाग द्वारा केंद्र की गतिविधियों की जांच कब की जाएगी? क्या वहां मरीजों को चिकित्सकीय परामर्श अथवा उपचार दिया जा रहा है और यदि हां, तो इसके लिए आवश्यक वैध योग्यता एवं अनुमति मौजूद है या नहीं—इन सभी बिंदुओं की जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जानी चाहिए।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है। संबंधित पक्ष का बयान सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

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