भदोही। आले रसूल सैयद अनवारुल हसन साहब एक सच्चे आशिके रसूल थे। भदोही में ईदमिलादुन्नबी सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम के मौके पर जुलूसे मोहम्मदी की इब्तेदा सैयद अनवारुल हसन ने की। उन्होंने उस जमाने में रिक्शा पर लाउडस्पीकर लगा कर चंद लोगो के साथ पूरे भदोही में जुलूसे रहमतल्लिल आलमीन निकाला करते थे। धीरे-धीरे यह कारवां बढ़ता गया लोग जुटते गए। उसके बाद बानी-ए-जुलूसे आका सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम अब्दुल कादिर उर्फ भोला ने आका अलैहिस्सलाम के जुलूस को और फरोग दिया जो दावते इस्लामी के रूप में बहोत ही आलीशान जुलूसे सरवरे कौनैन सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम निकाला जा रहा है।read more:https://pahaltoday.com/district-magistrate-holds-meeting-of-the-district-drinking-water-and-sanitation-mission-issues-directives/आज भदोही के हर मोहल्लों से जुलूसे मोहम्मदी निकल रहा है यह देन आले रसूल सैयद अनवारुल हसन साहब की देन है जो भदोही के गोशे-गोशे में ईदमिलादुन्नबी के मौके पर जश्ने चरागां हो रही है और जुलूसे आका निकाली जा रही है। मरकजी तबलीग सीरत कमेटी के सदर हाजी इम्तियाज़ अंसारी, नाएब सदर महमूद अकबर, खजांची हाजी मौलवी अलाउद्दीन अंसारी, जर्नल सेक्रेटरी आफ़ताब अंसारी, सेक्रेटरी सज्जाद अंसारी, सेक्रेटरी सभासद सेराज अंसारी, जाहिद अंसारी, हाजी आज़ाद खान, जाहिद उर्फ बाबर अंसारी, ओबैदुल्ला अंसारी, खुर्शीद खान, जावेद कुरैशी, तौसीफ अंसारी सहित सभी मेम्बरों ने आले रसूल सैयद अनवारुल हसन को याद करते हुए खेराजे अकीदत पेश की।