नई दिल्ली, 21 अगस्त। शांभवी पीठाधीश्वार स्वामी आनंद स्वरूप महाराज जी ने शुक्रवार को कहा कि संविधान को परिभाषित करने वालों ने विधि विशेषज्ञ वीएन राव को भूल गए जिससे आज आरक्षण पर इतना बबाल शुरू हो गया है। आनंद स्वरुप जी जाति-आधारित आरक्षण के विरोध में शुक्रवार को जंतर मंतर पर भारी संख्या में लोगो के प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भीम राव आंबेडकर के नाम पर वीएन राव को भूलना इस देश के कर्णधारों की सबसे बड़ी भूल है। इसलिे आज देश भर में आरक्षण पर पेंच फंस रहा है।शुक्रवार को प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। दिल्ली पुलिस ने आरक्षण हटाओ प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी थी बाबजूद पूरे देश भर से आए लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों की भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने ‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ को 21 अगस्त को रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए एनओसी जारी कर दी। हालांकि, सोशल मीडिया में इस बात का विरोध जताया जा रहा है।read more:https://pahaltoday.com/protest-by-the-all-gondwana-students-association-and-the-gond-community/ कि प्रदर्शन के लिए अनुमति देने में काफी देरी की गई है।प्रदर्शन में हरिद्वार शांभवी पीठाधीश्वार स्वामी आनंद स्वरूप महाराज जी के आह्वान पर 21 अगस्त शुक्रवार को यूजीसी रोल बैक में जो आंदोलन हुआ उसमें देश के कोने कोने से लोग आए और अपनी भागीदारी दर्ज किए। प्रदर्शन में शामिल होने आए हरिद्वार के अभिनय पांडे, ब्रजेश मिश्रा, मनोज शुक्ला, देहरादून से आए भूपेश जोशी के साथ मोहित माथुर, दीपेश जी , उमंग जी ( पुणे), नीलम चतुर्वेदी, बिहार से आए सुनील पांडेय, शिवशंकर, और विशाल कुमार, नागपुर से आई अंजू जी, बलिया उत्तरप्रदेश से आए सुनील पांडेय ने बताया कि दरअसल संविधान को परिभाषित करने वालों ने वीएन राव को भूला और आज आंबेडकर के नाम पर इस प्रकार की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरक्षण ऐसा हो जिसमें कोई भेदभाव नहीं हो और इसलिए इस प्रकार के प्रदर्शन में जंतर मंतर पर सवर्ण शक्ति संगठन, रिजर्वेशन रिफार्म मूवमेंट के ठाकुर शिवम सिंह सहित हजारों लोग शामिल होने पूरे देश के लोग आए हैं।