लखनऊ। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना के अन्तर्गत ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ का भव्य एवं उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। परिसर निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा के निर्देशन में आयोजित इस यात्रा का शुभारम्भ उन्होंने हरी झंडी दिखाकर किया।
इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सर्वनारायण झा ने कहा कि ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारी निष्ठा, गौरव और जिम्मेदारी को अभिव्यक्त करने का पावन अवसर है। तिरंगा भारत की एकता, अखण्डता, शौर्य, शान्ति और समृद्धि का प्रतीक है। इसके प्रत्येक रंग और अशोक चक्र में राष्ट्र के महान आदर्श तथा स्वतन्त्रता सेनानियों के त्याग की प्रेरणा निहित है।
उन्होंने विद्यार्थियों एवं नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को जन-जन का उत्सव बनाएं और तिरंगे की गरिमा एवं सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignette उन्होंने कहा कि हमारी विविधताओं के बावजूद ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना ही हमें एक सूत्र में बांधती है। युवा देश के भविष्य के साथ-साथ वर्तमान भारत की शक्ति भी हैं। इसलिए देशभक्ति को केवल नारों और आयोजनों तक सीमित न रखकर ईमानदारी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक सद्भाव एवं राष्ट्रहित में सक्रिय योगदान के माध्यम से साकार करना चाहिए।तिरंगा यात्रा के दौरान विद्यार्थियों, स्वयंसेवकों एवं परिसर के सदस्यों में विशेष उत्साह देखने को मिला। यात्रा के माध्यम से राष्ट्रीय एकता, अखण्डता, देशभक्ति और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने परिसर के वातावरण को राष्ट्रप्रेम एवं उत्साह से भर दिया।कार्यक्रम में प्रो. मदन मोहन पाठक, प्रो.देवी प्रसाद द्विवेदी, प्रो.भारत भूषण त्रिपाठी, प्रो.धनीन्द्र कुमार झा, प्रो.पवन कुमार, राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी प्रो.गणेश शंकर विद्यार्थी, कार्यक्रम प्रभारी डॉ.रुद्र नारायण नरसिंह मिश्र, कार्यक्रम अधिकारी डॉ.प्रदीप कुमार द्विवेदी सहित परिसर के आचार्यगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण, छात्र-छात्राएं एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।