लखनऊ। उत्तर प्रदेश सूचना आयोग के राज्य सूचना आयुक्त डॉ दिलीप अभिनेत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की वर्तमान सरकार विरासत के साथ विकास की नीति को क्रियान्वयन कर रही है। इसके अंतर्गत विरासत और आस्था को उचित सम्मान मिला। तीर्थ स्थलों पर भव्यता के साथ विकसित किया गया। अब काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर बाराबंकी की राम नगर तहसील के महादेवा गांंव के लोधेश्वर मंदिर में कॉरिडोर का निर्माण शुरू हो गया है।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/घाघरा नदी के तट पर स्थित लोधेश्वर का उल्लेख महाभारत में भी है। बावन दुर्लभ शिवलिंगों यह मंदिर भी सम्मलित है। मान्यता है द्वापर में भगवान शिव को एक बार फिर से पृथ्वी पर प्रकट होने की इच्छा हुई। लोधेराम नामक व्यक्ति को भूमि के भीतर शिवलिंग के दर्शन हुए थे। उसी स्थान पर मंदिर का निर्माण किया। यह लोधेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। महाभारत में कई प्रकरण हैं जहां इस प्राचीन मंदिर का उल्लेख है। महाभारत के बाद पांडव ने इस स्थान पर महायज्ञ का आयोजन किया था। यहां पांडव कूप आज भी है।