अखंड भारत निर्माण से बेहतर होगा भारत-पाक का महासंघ: राजनाथ

बाराबंकी। प्रखर समाजवादी चिन्तक एवं डॉ राममनोहर लोहिया के निकट सहयोगी रहे राजनाथ शर्मा भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश की संभावित एका को लेकर वह आरएसएस के अखंड भारत निर्माण के सपने से इतर समाजवादी चिंतक डॉ. राम मनोहर लोहिया की अवधारणा को आगे बढ़ाने के पक्षधर हैं। श्री शर्मा ने एक बार फिर भारत सरकार को भारत-पाकिस्तान और बांग्लादेश का महासंघ बनाने का सुझाव दिया है। पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर उन्होंने तीनों देशों का महासंघ बनाने की वकालत की है। गुरूवार को गांधी भवन में आयोजित भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश का महासंघ बनाओ सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए राजनाथ शर्मा ने बताया कि इस साल भारत और पाकिस्तान अपनी आजादी की 80वीं सालगिरह मना रहे हैं। इसलिए नए साल में दोनों देशों को अपने संबंधों को सामान्य बनाने का प्रयास करना चाहिए। अपनी भावी पीढ़ियों के प्रति इन देशों की कुछ जवाबदेही भी है। इनको साबित करना है कि अविश्वास, दुश्मनी और संघर्ष के चलते इनके आपसी रिश्तों में हमेशा के लिए दरार नहीं बनी रह सकती है। उन्होंने कहा कि डॉ राममनोहर लोहिया व दीनदयाल उपाध्याय ने 12 अप्रैल 1964 को भारत और पाकिस्तान के बीच महासंघ बनाए जाने का संयुक्त प्रस्ताव पास किया था। डॉ लोहिया का कहना था कि ‘भारत और पाकिस्तान एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। इनका मिलना एक अनिवार्यता है।’ महात्मा गांधी व डा. लोहिया ने भारत विभाजन को कृत्रिम विभाजन करार दिया।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/उनका मनाना था कि किसी भी तरह हिन्दुस्तान और पाकिस्तान को जोड़ने का सिलसिला शुरू करना होगा। वरिष्ठ पत्रकार एवं इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र के अध्यक्ष रामबहादुर राय ने अपनी पुस्तक ‘राजनीति और नीति‘ में महासंघ बनाने के प्रयास को सराहा है। उनका मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच युद्ध भी चल रहा हो तब भी हमें महासंघ बनाने का प्रयास करना होगा। सभा की अध्यक्षता कर रहे जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित ने कहा भारत का विभाजन और पाकिस्तान का निर्माण अप्राकृतिक था, इसलिए 1971 में पाकिस्तान का रक्तरंजित विभाजन हुआ और नया राष्ट्र बांग्लादेश बना। इन दोनों विभाजनों ने इन तीनों देशों में कई मुसीबतों को जन्म दिया है। समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव हुमायूं नईम खान ने कहा कि साल 1965 से समाजवादी नेता राजनाथ शर्मा भारत पाक महासंघ के सम्मेलनों की निरंतरता बनाए हुए हैं। इसके बाद भी कोई सार्थक निष्कर्ष न निकल पाने से उन्हें निराशा नहीं हुई कि बल्कि उनका मनोबल दिन प्रतिदिन बढ़ता ही गया। इस सार्थक प्रयास से तीनों देशों के बीच आपसी सौहार्द का कोई न कोई रास्ता अवश्य निकलेगा। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता शिवशंकर शुक्ला ने कहा कि, हिन्दुस्तान और पाकिस्तान के आर्थिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए महासंघ का बनना वर्तमान समय की प्रासंगिकता है। भारत और पाकिस्तान दोनों देश जंग से जो हासिल नहीं कर सकते, वह एक साथ रहकर पूरे विश्व को नई दिशा दे सकते हैं। सभा का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। इस दौरान सैय्यद इफ्तिखार हुसैन रिज़वी, विजय कुमार सिंह ‘मुन्ना’, मृत्युंजय शर्मा, सभासद अश्वनी शर्मा, शिक्षाविद् अशोक शुक्ला, सभासद मोहम्मद फैसल, टिल्लू वर्मा, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री अशोक कुमार वर्मा, पाटेश्वरी प्रसाद, नीरज वर्मा एडवोकेट, रंजय शर्मा, साकेत संत मौर्य सहित कई लोग मौजूद रहे।

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