राष्ट्रीय नागरिक पार्टी आगामी उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में सभी सीटों पर विधान सभा चुनाव लड़ेगी

नई दिल्ली, राष्ट्रीय नागरिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कुमार गौतम ने दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारत का संविधान किसी व्यक्ति विशेष, धर्म, और समुदाय को समर्पित नहीं, बल्कि भारत के नागरिकों को समर्पित हैं। इसलिए देश के नागरिक की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखकर उन्हें विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए राष्ट्रीय नागरिक पार्टी आगामी उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के सभी विधान सभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। राष्ट्रीय नागरिक पार्टी की विचारधारा किसी व्यक्ति विशेष, धर्म, और समुदाय पर आधारित नहीं, बल्कि इससे उपर उठकर देश के समस्त नागरिकों अर्थात स्त्री, पुरुष, और किन्नर समाज को समता के आधार पर प्रत्येक किन्नर को पैतृक सम्पति में हिस्सेदार तथा अभिभावक, संरक्षक नाम के साथ समस्त क्षेत्र में सामाजिक न्याय व समतामूलक प्रतिनिधित्व प्रदान करना है।राष्ट्र के समस्त नागरिकों अर्थात स्त्री, पुरुष, और किन्नर समाज के साथ गांव की पहचान- मां धरती का सम्मान करते हुए जीवन स्तर में व्यापक सुधार के लिए समतामूलक आवासीय मापदंड विकसित करना, स्वास्थ्य सेवायें और शिक्षा क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण, शिक्षा का मापदंड अन्तरराष्ट्रीय स्तर अर्थात शिक्षा को व्यक्ति विशेष, धर्म, और समुदाय से मुक्त रखा जाने, (एक राष्ट्र एक समान शिक्षा, एक राष्ट्र- एक समान स्वास्थ्य सेवायें), रोजगार सृजन कर, बेरोजगार युवाओ को रोजगार उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी। इसी श्रृंखला में एक और कदम बढ़ाते हुए पार्टी पुरुषों के साथ-साथ महिलाओ और किन्नर समाज को पार्टी संगठन, विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका, पत्रिकारिता, सरकार के अन्य संवैधानिक संस्थान सहित विकास के समस्त क्षेत्र में समता के आधार पर स्त्री 49 प्रतिशत, पुरुष 49 प्रतिशत, तथा 2 प्रतिशत किन्नर समाज को समतामूलक प्रतिनिधित्व अर्थात लोक सभा के आम चुनाव में स्त्री 261 सीट पर, पुरुष 261 सीट पर, तथा 11 सीट पर किन्नर समाज से उम्मीदवार उतारने का काम करेगी।read more:https://pahaltoday.com/demand-to-remove-government-country-liquor-shop-villagers-stage-protest-at-the-collectorate/#google_vignetteराष्ट्रीय नागरिक पार्टी अपनी घोषणा के मुताबिक़ लोक सभा में पूर्ण बहुमत होने पर केन्द्रीय मंत्रिमंडल गठन में 49 प्रतिशत स्त्री, 49 प्रतिशत पुरुष तथा 2 प्रतिशत किन्नर समाज को प्रतिनिधित्व प्रदान करना अनिवार्य करेगा। साथ ही लोक सभा के 5 साल के कार्यकाल के दौरान पहले 2 साल स्त्री, अगले 2 साल पुरुष, तथा अन्तिम एक साल किन्नर समाज के प्रतिनिधि को प्रधान मंत्री पद पर कार्य करने का अवसर दिया जाएगा। मंत्रीमंडल गठन में नए सांसदों को सम्मलित किया जाएगा। इसी प्रकार से राज्यों की विधान सभाओं में सदस्यों की संख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व देने का काम पार्टी करेगी।राष्ट्रीय अध्यक्ष के के गौतम ने कहा कि अगले साल 2027 में उत्तर प्रदेश की 403 विधान सभा, उत्तराखंड की 70 विधान सभा तथा पंजाब राज्य की 117 विधान सभा सीट के आम चुनाव में स्त्री 49 प्रतिशत, पुरुष 49 प्रतिशत, तथा 2 प्रतिशत किन्नर समाज अर्थात उत्तर प्रदेश विधान सभा के आम चुनाव में स्त्री 199 सीट पर, पुरुष 199 सीट पर, तथा 5 सीट पर किन्नर समाज, उत्तराखंड विधान सभा के आम चुनाव में स्त्री 34 सीट पर, पुरुष 34 सीट पर, तथा 2 सीट पर किन्नर समाज तथा पंजाब राज्य की विधान सभा के आम चुनाव में स्त्री 57 सीट पर, पुरुष 57 सीट पर, तथा 3 सीट पर किन्नर समाज से उम्मीदवार उतारने का काम करेगी। पार्टी को तीनों राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब के चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल होने पर उत्तर प्रदेश के 60 सदस्यीय मंत्रीमंडल गठन में 29 स्त्री, 29 पुरुष तथा 2 किन्नर समाज, उत्तराखंड राज्य के 11 सदस्यीय मंत्रीमंडल गठन में मुख्य मंत्री सहित 5 स्त्री, 5 पुरुष, तथा एक किन्नर समाज, पंजाब राज्य के 17 सदस्यीय मंत्रीमंडल गठन में 8 स्त्री, 8 पुरुष, तथा एक किन्नर समाज को प्रतिनिधित्व प्रदान करना अनिवार्य होगा। साथ ही राज्य विधान सभा के पांच साल के कार्यकाल में पहले 2 साल स्त्री, अगले 2 साल पुरुष तथा अन्तिम एक साल किन्नर समाज के प्रतिनिधि को राज्य के मुख्यमंत्री पद पर कार्य करने का अवसर दिया जाएगा। हर मुख्य मंत्री के मंत्रीमंडल गठन में नए विधायकों को सम्मलित किया जाएगा।गौतम ने बताया कि राष्ट्रीय नागरिक पार्टी के नेतृत्व में राष्ट्र और नागरिकों अर्थात स्त्री, पुरुष और किन्नर समाज के मुद्दो के आधारित एक मजबूत राजनैतिक गठबंधन जिसका नाम ‘ भारतीय नागरिक समतामूलक प्रतिनिधित्व महागठबंधन’ में शामिल होने वाले राजनैतिक दलों के साथ केंद्र की 543 सीट वाली लोक सभा के आम चुनाव में राष्ट्रीय राजनैतिक दल, क्षेत्रीय राजनैतिक दल अर्थात जिनके पास अपना स्थायी चुनाव चिन्ह होगा, ऐसे राजनैतिक दलों को 70 प्रतिशत सीट पर तथा अन्य शामिल राजनैतिक दलों को 30 प्रतिशत सीट पर समता के आधार पर उम्मीदवार उतारने का अवसर दिया जाएगा।

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