गंगोह। कथा वाचक ने शिव महापुराण के सातवें दिन की कथा में विशेष रूप से भक्ति, विश्वास और महादेव की कृपा की महिमा का वर्णन किया गया। शिव पुराण में भगवान शिव के विभिन्न रूपों और अवतारों का वर्णन है। मोहल्ला महलतला के गीता भवन चलती देवी मंदिर में कथावाचक पंडित अवनीश वशिष्ठ, मोहल्ला कानून गोयान आर्य कन्या इंटर कालेज स्थित महादेव शिव मंदिर में कथावाचक सुधीर शर्मा व पंचायती दुर्गा झागड़ा मंदिर में कथावाचक पंकज सेमवाल ने ज्योतिर्लिंगों की महिमा और भक्तों की कथाओं का समावेश है। पुराण में शिव के कल्याणकारी स्वरूप और उपासना के विधान का विशेष उल्लेख है। कथा वाचक द्वारा बताया गया कि शिव को पंचदेवों में प्रधान और परमेश्वर के रूप में स्थान प्राप्त है। पुराण में उनके जीवन चरित्र, विवाह और पुत्रों की उत्पत्ति का विवरण मिलता है।read more:https://pahaltoday.com/mobile-court-visits-ballia-to-hear-grievances-of-persons-with-disabilities-state-commissioner-issues-strict-directives/भगवान शिव को महादेव, नीलकंठ और शंकर जैसे नामों से जाना जाता है। वे संहारक, पालक और सृजनकर्ता के रूप में पूजे जाते हैं। आगे कथा में कथा व्यास ने भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप का वर्णन करते हुए बताया कि विष्णु भगवान ने भस्मासुर के साथ नृत्य करते हुए उसका हाथ उसके ही सिर पर रखवा दिया और उसका हाथ सिर पर रखते ही वह भस्म हो गया। इस तरह भगवान विष्णु ने शिव शंकर को उनके ही दिए गए वरदान बचाया तभी से यह कथा प्रचलित है कि भगवान विष्णु ने स्त्री रूप धारण उनके प्राणों की रक्षा की थी। कथा आरंभ होने से पूर्व कथा व्यास का स्वागत कर तथा माला पहनाकर व्यास गद्दी पर बैठाया। कथा से पूर्व मंदिर परिसर में भगवान शिव का रुद्राभिषेक और विशेष पूजन संपन्न हुआ। मुख्य यजमानों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।