नई दिल्ली, 3 अगस्त। दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अम्बेडकर महाविद्यालय का ओरिण्टेशन 2026 कार्यक्रम सम्पन्न हो गया। सत्र 2026-27 के लिए देश के अलग-अलग क्षेत्र से आए सैकड़ों नवागंतुक छात्र एवं उनके अभिभावक इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को पूरे महाविद्यालय परिसर का दौरा कराने के साथ-साथ, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत चलने वाले पाठ्यक्रमों एवं समय-सारणी के बारे में विस्तृत जानकारी दी गयी।इस मौके पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने नवागंतुक छात्रों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-शिक्षक एवं अभिभावकों के बीच एक पुल का निर्माण करना है जिससे कि छात्रों का समुचित विकास होने के साथ-साथ महाविद्यालय परिसर का भी आत्मीय माहौल बन सके। उन्होंने अभिभावकों से अपील कर कहा कि वे हमारे शिक्षकों से लगातार संपर्क में रहे जिससे कि छात्रों का सर्वांगीण विकास में हमें सहयोग मिल सके।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन ऑफ कॉलेजेज प्रो. बलराम पाणि ने नवागंतुक छात्रों को आशीष देते हुए कहा कि आपके सामने जीवन को लेकर दो उद्देश्य होने चाहिए- एक तो यह कि आपके अभिभावकों ने अपने श्रम से आपको जो यहाँ तक पहुँचाया है, उनके सपनों को साकार करना और दूसरा, विकसित भारत बनने में जिस भी स्तर की आवश्यकता हो, अपना सहयोग देना। आपके मस्तिष्क में यह बात हमेशा रहनी चाहिए कि कुछ भी ऐसा न करें जिससे कि हमारे देश की प्रतिष्ठा एवं सम्मान को चोट पहुँचे।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं उत्तर-पूर्व जिला (दिल्ली) के पुलिस उपायुक्त राहुल अलवर ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपके सहज, सुरक्षित एवं उत्साह से भरे कॉलेज जीवन के लिए जिस भी स्तर की आवश्यकता होती है, हम आपके साथ हैं। आपसे मेरी बस इतनी अपील है कि किसी भी स्तर पर एवं अपनी किसी भी गतिविधि से महाविद्यालय के परिवेश को बाधित न करें। आपका महाविद्यालय जिस बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम पर है, उनके जीवन-संघर्ष एवं योगदान को हमेशा याद रखने की आवश्यकता है।read more:https://khabarentertainment.in/youth-injured-by-high-voltage-electric-shock-dies-during-treatment/एक स्वतंत्र , मज़बूत और सम्मानित नागरिक होने का जो सपना उन्होंने देखा, हम सब उसका साकार रूप हैं। मैं आपसे आग्रह करता हूँ कि आप इन चार बातों का ध्यान हमेशा रखें-पहला, बहुत सोच-समझकर दोस्ती करें। दूसरा, किसी भी तरह के नशे से दूर रहें। तीसरा, अपने अभिभावकों एवं परिजनों की सुविधा-असुविधा एवं सपनों का ध्यान रखें और चौथा, साइबर धोखा-धड़ी से अपने को बचाकर रखें। कुछ भी करने से पहले थोड़ा रूकें, सोचें और तब आगे बढ़ें।महाविद्यालय के शासी निकाय के कोषाध्यक्ष प्रो. कुलवीर गोजरा ने नवागंतुक छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी हमसे ज्यादा जानती है। आप बेहद सौभाग्यशाली हैं कि आपको दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थान में पढ़ने का मौका मिल रहा है। आप अपने आप को कभी भी कम न समझें। यह आपके जीवन का स्वर्णिम समय है। यहाँ के अनुभव एवं यादें आगे जीवन भर साथ चलेंगी। आप यहाँ रहते हुए ऐसे दोस्त बनायें जो आपको ऊर्जा से भर दें, आपके सपनों को आकार देने में मदद करे।सर्वोच्च न्यायालय की अधिवक्ता एवं महाविद्यालय आंतरिक शिकायत समिति से जुड़ी वंदना मोहंती ने छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि महाविद्यालय परिसर में समानता, भरोसा एवं परस्पर सम्मान के साथ करियर बनाना आपका अधिकार है। इस दिशा में आपको कभी भी, किसी भी तरह की समस्या आती हो तो इसकी शिकायत बिना किसी डर और दबाव के महाविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति से अवश्य करें।ओरिएंटेशन-2026 कार्यक्रम की संयोजक प्रो. तुष्टि भारद्वाज ने कार्यक्रम का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया, प्रो. शशि रानी ने पाठ्यक्रम के तहत विभिन्न विषयों से जुड़ी जानकारी साझा की। वहीं प्रो. सरला भारद्वाज ने बी.ए प्रोग्राम के सभी विकल्पों से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। प्रो. दीपाली जैन ने समय-सारणी, छात्र-उपस्थिति, आंतरिक कार्य, परीक्षा एवं ग्रेड संबंधी प्रस्तुति दी। सांस्कृतिक समिति की समन्वयक प्रो. चित्रा रानी ने महाविद्यालय के विविध सांस्कृतिक समिति एवं सोसायटी का परिचय कराते हुए इनके प्रतिनिधि छात्रों से नवागंतुक छात्रों का परिचय कराया। प्रो. अवतार सिंह ने एनसीसी के समस्त विंग का परिचय देते हुए इनके कैडेट छात्रों से परिचय कराया। खेल संबंधी गतिविधियों की जानकारी प्रो. के के शर्मा द्वारा प्रस्तुत की गई। प्रो. राजेश उपाध्याय ने महाविद्यालय में आयोजित की जानेवाली विविध प्रतियोगिताओं से परिचय कराया।इस मौके पर नवागंतुक छात्रों के साथ-साथ महाविद्यालय के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के अध्ययनरत सैकड़ों छात्र और शिक्षक एवं महाविद्यालय कर्मचारियों की उपस्थिति बनी रही। धन्यवाद ज्ञापन का कार्य कार्यक्रम सह-संयोजक प्रो. अनीता श्रीवास्तव ने किया।