बलिया। जनपद में सरयू नदी तेजी से कटान जारी है। जिससे न केवल कृषि योग्य भूमि नदी में समाहित होती जा रही है।बल्कि लोगों के घरों को भी नदी तेजी से निगलती जा रही है। वहीं तटवर्तीय इलाकाई लोग अपने आशियानों को तोड़कर अपने सामानों के साथ अन्यत्र पलायन कर रहे हैं।शनिवार को भी नदी के तेवर तल्ख दिखा।जिसको को देख लोग सहमें हुए है। नदी द्वारा निरंतर कटान किया जा रहा है।एक तरफ बैरिया तहसील क्षेत्र अन्तर्गत गोपालनगर टाड़ी वहीं दूसरी तरफ बांसडीह तहसील क्षेत्र के भोजपुरवा गांव में नदी कहर बरपा रही है। नदी न केवल कृषि योग्य भूमि को तेजी से अपने में समाहित कर रही है। बल्कि लोगों के आशियाने को भी तेजी से निगल रही है। जिसकी वजह से लोग अपनी गाढ़ी कमाई तथा अपने हाथों से बनाये गये आशियाने को खुद उजाड़ कर अन्यत्र पलायन कर रहे हैं। लोग अपने सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने को विवश हैं।भोजपुरवा में 100 से अधिक परिवार अपना घर अपने ही हाथों तोड़ चुके हैं।वहीं गोपालनगर टाड़ी में करीब तीन दर्जन परिवार अपने-अपने मकानों को जमींदोज करके अन्यत्र पलायन कर रहे हैं।read more:https://khabarentertainment.in/staff-nurse-accuses-blood-center-operator-of-sexual-harassment-intimidation-and-mental-harassment-case-registered/
बलिया में सरजू नदी का कटान तेज
हम लोगों को अपना ही तोड़ना पड़ रहा है
बांसडीह तहसील क्षेत्र के भोजपुरवा निवासी धनजी यादव ने कहा करीब एक महीने से नदी कटान कर रही है। बुजुर्ग जवाहर यादव ने कहा कि बहुत लोगों की कृषि योग्य भूमि को नदी ने निगल लिया है,और निगलते जा रही है। जितेन्द्र यादव ने कहा कि बहुत परेशानियां हो रही है। पानी आया है,कटान हो रहा है।हम लोगों को घर द्वार तोड़ना पड़ा है। कितनी परेशानी है,कहा नहीं जा सकता।
भोजपुरवा में 100 से अधिक परिवार तोड़ चुके हैं अपना आशियाना
सरयू नदी द्वारा किए जा रहे कटान के खौफ से भोजपुरवा गांव के 100 से अधिक परिवार अपना घर अपने ही हाथों तोड़ चुके हैं। ऐसे परिवार अपने सामान को बंधे तथा नाते-रिश्तेदारों के यहां शिफ्ट कर दिये है तथा कर रहे हैं।आलम यह है कि नदी कृषि योग्य भूमि को लगातार निगल रही है।जिसकी वजह से किसान भूमिहीन होते जा रहे हैं।
नदी की कटान की वजह से ये हुए बेघर
इससे पहले गोपाल नगर टाड़ी में प्राथमिक विद्यालय, मन्तोष यादव,मुनिराज यादव,दूधराज यादव,रमेश यादव,शैलेष यादव,दिनेश यादव,झलखू,यादव,उदय यादव,काशीनाथ यादव, सोमारू यादव, रोशन यादव, चंदन यादव, श्याम बिहारी यादव, पशुपति यादव, दीपक यादव का घर नदी विलीन हो चुका है। उक्त परिवारों के लोग अपने घरों का सामान आदि बंधे पर रखे हुए हैं।यहां कटान निरन्तर जारी है।
इनके मकान नदी के मुहाने पर
गोपालनगर टाड़ी में विनोद यादव,मुसाफिर यादव,जवाहर यादव,शुकुल यादव,परशुराम यादव,रजिन्द्र यादव,राजबली यादव, शिवकुमार यादव,सुदर्शन यादव, उमाशंकर यादव,राजेन्द्र यादव, बद्रीनारायण यादव,नन्हकी देवी,निशु यादव,जनार्दन,जितेन्द्र,शकुन् तला देवी,शम्भू नाथ यादव,गीता देवी,सोना देवी,रूबी यादव,अनिल यादव,सोनू यादव,लाल बिहारी यादव,श्रवण यादव, पप्पू यादव,काशीनाथ यादव,सुभाष यादव,रंजन यादव,शिवजी यादव,चन्द्रमा यादव, आदि का मकान नदी के मुहाने पर है।