42 लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास योजना की मिली स्वीकृति

सोनभद्र। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत शुक्रवार को विकास खंड सभागार में आयोजित कार्यक्रम में 42 पात्र लाभार्थियों को आवास स्वीकृति पत्र तथा 31 लाभार्थियों को पूर्ण निर्मित आवासों की चाबियां वितरित की गईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गोंड एवं खंड विकास अधिकारी राम विशाल चैरसिया ने लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और चाबियां सौंपीं।ब्लॉक प्रमुख मानसिंह गोंड ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आवास योजना इसका प्रमुख उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और नए पात्र लाभार्थियों के चयन के लिए सर्वे के आधार पर सूची भी तैयार की जा रही है। उन्होंने उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज ग्रामीण महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है और उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है। खंड विकास अधिकारी राम विशाल चैरसिया ने कहा कि ब्लॉक क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों के पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और चाबियों का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए ब्लॉक के अधिकारी और कर्मचारी गांव-गांव जाकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने लाभार्थियों से अपील की कि यदि किसी भी योजना का लाभ लेने में कोई व्यक्ति अनावश्यक परेशानी उत्पन्न करता है या किसी प्रकार की धनराशि की मांग करता है, तो इसकी शिकायत सीधे ब्लॉक कार्यालय में करें। किसी भी व्यक्ति को पारितोषिक या रिश्वत न दें। कार्यक्रम में एडीओ पंचायत अजय सिंह, बड़े बाबू प्रमोद चैबे, काशीनाथ यादव, सूरज कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।इलाहाबाद में निजी प्रैक्टिस पर सख्ती, सोनभद्र में कार्रवाई का इंतजारसोनभद्र। सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।read more:https://khabarentertainment.in/administration-gears-up-for-kanwar-yatra-divisional-commissioner-issues-strict-directives/ एक ओर प्रयागराज में जिला प्रशासन ने सरकारी चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस पर कड़ा रुख अपनाते हुए ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराने और विभागीय कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, वहीं सोनभद्र में इस तरह के आरोपों पर अब तक ठोस कार्रवाई न होने से सवाल उठ रहे हैं।दुद्धी क्षेत्र में कुछ सरकारी चिकित्सकों पर सरकारी सेवा के दौरान निजी प्रैक्टिस करने के आरोप लगातार चर्चा में हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ चिकित्सक अपने सरकारी अथवा निजी आवास पर मरीजों को देखते हैं। यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि मरीजों को कथित रूप से कुछ विशेष डायग्नोस्टिक सेंटरों और मेडिकल स्टोरों पर जांच व दवा के लिए भेजा जाता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हाल ही में इस संबंध में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया। वीडियो सामने आने के बाद जांच और कार्रवाई की मांग उठी, लेकिन अब तक प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से किसी ठोस कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अन्य जनपदों में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई हो सकती है, तो सोनभद्र में भी आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों की निगाहें जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

 

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