सोनभद्र। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से संचालित पेड़ से ही प्राण है अभियान के तहत शुक्रवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित गांधी उद्यान में पौधरोपण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने पीपल एवं बरगद का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
जिलाधिकारी ने उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्ष रक्षति रक्षितः अर्थात यदि हम वृक्षों की रक्षा करेंगे तो वृक्ष हमारी रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को वृक्षारोपण को अपना नैतिक दायित्व समझना चाहिए। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से 14 अगस्त तक अमर शहीदों और महापुरुषों की स्मृति में पूरे जनपद में 11 हजार पौधे लगाए जाएंगे। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि का भी प्रतीक होगा। कार्यक्रम का आयोजन पर्यावरण बैंक द्वारा किया गया। इस दौरान अभिषेक मिश्रा, कांती सिंह, राजाराम दूबे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।readmore:https://khabarentertainment.in/cattle-found-below-standards-and-shortage-of-fodder-observed-during-sdms-surprise-inspection/
हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने को अधिकारियों ने किया मंत्रणा
सोनभद्र। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले हर घर तिरंगा अभियान-2026 को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने शुक्रवार को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान को जनभागीदारी के साथ उत्सव के रूप में मनाते हुए समयबद्ध ढंग से प्रत्येक घर तक तिरंगा पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे राष्ट्रीय ध्वज भारतीय ध्वज संहिता के अनुरूप गुणवत्ता के साथ बनाए जाएं तथा उनका समय पर वितरण कर अधिक से अधिक लोगों को अभियान से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, विकास खंडों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए। साथ ही ध्वज निर्माण, वितरण और भुगतान की प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता और नागरिक कर्तव्य की भावना को मजबूत करने का जनआंदोलन है। सभी अधिकारी अभियान को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ सफल बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और ध्वज संहिता के पालन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि तिरंगा सदैव सम्मानपूर्वक फहराया जाए। झंडा आयताकार हो तथा उसकी लंबाई-चैड़ाई का अनुपात 3ः2 रहे। केसरिया रंग ऊपर होना चाहिए और तिरंगा किसी भी स्थिति में जमीन, पानी या फर्श को नहीं छूना चाहिए। फटा या क्षतिग्रस्त ध्वज का उपयोग न किया जाए तथा तिरंगे पर किसी प्रकार का लेखन या चित्रांकन न किया जाए। राष्ट्रध्वज का उपयोग किसी वस्तु को ढकने के लिए भी नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी ने कहा कि वर्तमान नियमों के अनुसार सम्मानपूर्वक प्रदर्शित किए जाने पर तिरंगा दिन और रात दोनों समय फहराया जा सकता है। उन्होंने सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रध्वज के सम्मान तथा राष्ट्रगान के दौरान अनुशासन बनाए रखने की अपील की।