डाला,सोनभद्र। डाला क्षेत्र के सलाई बनवा स्थित एसीसी (अडानी) सीमेंट प्लांट एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला श्रमिकों की सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। रेलवे अनलोडिंग यार्ड में क्लिंकर से लदी मालगाड़ियों की अनलोडिंग के दौरान बड़ी संख्या में मजदूरों के बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के काम करने का आरोप सामने आया है। इससे कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा और औद्योगिक नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।स्थानीय लोगों के अनुसार रेलवे यार्ड में पोकलेन मशीन से क्लिंकर उतारने के दौरान भारी मात्रा में धूल उड़ती है, लेकिन धूल नियंत्रण के लिए पर्याप्त पानी का छिड़काव या अन्य प्रभावी इंतजाम नहीं किए जाते। आरोप है कि इससे न केवल मजदूरों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, बल्कि आसपास के वातावरण में भी प्रदूषण फैल रहा है। मौके पर मौजूद लोगों का दावा है कि कई मजदूर बिना हेलमेट, सेफ्टी शूज, दस्ताने और मास्क के कार्य करते दिखाई दिए। औद्योगिक सुरक्षा मानकों के अनुसार ऐसे कार्यस्थलों पर व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) उपलब्ध कराना और उनका उपयोग सुनिश्चित कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी होती है।read more:https://khabarentertainment.in/khadiya-bazar-kota-road-becomes-a-death-trap-commuters-plagued-by-potholes-and-waterlogging/यदि इन नियमों का पालन नहीं हो रहा है तो यह श्रमिक सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय माना जा सकता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि लंबे समय से इसी तरह कार्य कराया जा रहा है। उनका कहना है कि मजदूरों की सुरक्षा के बजाय उत्पादन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। मामले को लेकर अब कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या श्रमिकों को निर्धारित सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। क्या रेलवे अनलोडिंग स्थल पर प्रदूषण नियंत्रण संबंधी मानकों का पालन हो रहा है। क्या श्रम विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नियमित निरीक्षण कर रहे हैं, यदि हां, तो फिर ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों और श्रमिक हितों से जुड़े लोगों ने श्रम विभाग, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था का ऑडिट कराने तथा नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।