सोनभद्र। जनपद में अब किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ ड्रैगन फ्रूट और स्ट्रॉबेरी जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती कर बेहतर आमदनी हासिल कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की बागवानी प्रोत्साहन योजनाओं और अनुदान का लाभ मिलने से इन फसलों का रकबा लगातार बढ़ रहा है और किसानों का रुझान भी तेजी से बढ़ा है।जिला उद्यान अधिकारी मेवाराम ने बताया कि वर्तमान में जिले के 76 किसान करीब 75 एकड़ क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसे बढ़ाकर 100 एकड़ तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं 106 किसान लगभग 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं, जिसे बढ़ाकर 200 एकड़ करने की योजना है। उन्होंने बताया कि एकीकृत बागवानी मिशन के तहत ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए किसानों को 2.70 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान दिया जा रहा है।read more:https://khabarentertainment.in/meritorious-students-honored-at-klgm-inter-college-incentive-amount-of-%e2%82%b961000-distributed/ कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली यह फसल लंबे समय तक फल देती है और किसान इससे प्रति एकड़ 5 से 6 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ अर्जित कर सकते हैं। इसी प्रकार स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए 90 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर का अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। बाजार में अच्छी मांग के कारण किसान इससे प्रति एकड़ 10 से 12 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं। यही वजह है कि जिले में अधिक से अधिक किसान बागवानी आधारित खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं। उद्यान विभाग किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, उन्नत पौध सामग्री और आधुनिक खेती की जानकारी भी उपलब्ध करा रहा है। विभाग का कहना है कि कम लागत में अधिक आय देने वाली फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय में स्थायी वृद्धि करना सरकार की प्राथमिकता है। अधिकारियों को उम्मीद है कि निर्धारित लक्ष्य पूरे होने के बाद सोनभद्र उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के प्रमुख उत्पादक जिलों में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।