बाराबंकी। जिले के ऐतिहासिक लोधेश्वर महादेव धाम का स्वरूप अब काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर बदला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर पर्यटन विभाग की 48.79 करोड़ की समेकित पर्यटन विकास परियोजना के तहत मंदिर परिसर को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इस परियोजना से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। रविवार को प्रशासक की तरफ से लोधेश्वर धाम का लेआउट जारी किया गया। लगभग 12,980 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित की जा रही इस परियोजना में पांच भव्य प्रवेश द्वार, 652 मीटर लंबा कवर्ड कॉरिडोर, आधुनिक विजिटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर, कमांड सेंटर और कंट्रोल रूम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, लैंडस्केपिंग, नौ दुकानें और पेयजल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। पुरुषों और महिलाओं के लिए 26-26 शौचालय तथा दिव्यांगजनों के लिए अलग शौचालय भी बनाए जाएंगे।read more:https://worldtrustednews.in/yogi-government-working-to-make-youth-skilled-in-line-with-industry-demand/ कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार के अनुसार, भूमि हस्तांतरण के बाद अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है। वर्तमान में पाइलिंग और फाउंडेशन का कार्य जारी है। परियोजना को अगले वर्ष अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि यह परियोजना आस्था और पर्यटन का सुंदर संगम बनेगी। जिला प्रशासन निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार, रोजगार तथा अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। रामनगर तहसील के महादेवा गांव में घाघरा नदी के तट पर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर एक अत्यंत प्राचीन शिवधाम है। मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने यहां महायज्ञ किया था। यहां का शिवलिंग भारत के 52 दुर्लभ शिवलिंगों में से एक माना जाता है। हर वर्ष श्रावण मास और महाशिवरात्रि पर लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।