सोनभद्र। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष डा. धर्मवीर तिवारी ने जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) की उपलब्ध निधि का उपयोग जनहित से जुड़े कार्यों में किए जाने की मांग किया है। उन्होंने कहा कि सोनभद्र में डीएमएफ की सैकड़ों करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध है, जिसे शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत विकास पर खर्च किया जाना चाहिए।read more:https://khabarentertainment.in/cattle-found-below-standards-and-shortage-of-fodder-observed-during-sdms-surprise-inspection/डॉ. तिवारी ने कहा कि डीएमएफ से बनने वाली सभी परियोजनाएं आम जनता की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पूर्व में लगभग 300 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को लेकर उठे सवालों की जांच चल रही है, इसलिए भविष्य में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सोनभद्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर एक आधुनिक डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाए। इसके अलावा आबाड़ी क्षेत्र के पास पुल का निर्माण कर उसे पर्यटन हब के रूप में विकसित किया जाए। खनन प्रभावित क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर स्प्रिंकलर लगाए जाएं, ताकि धूल और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो सके। डॉ. तिवारी ने यह भी कहा कि डीएमएफ से जिले में आवश्यकता के अनुसार बड़े पुलों और सड़कों का निर्माण कराया जाए तथा आदिवासी परिवारों के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था के तहत छात्रावास बनाए जाएं, जिससे उन्हें बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें। डीएमएफ से जुड़े कार्यों में ईमानदारी और पारदर्शिता सर्वोपरि होनी चाहिए। उनके अनुसार, जिन अधिकारियों या कर्मचारियों पर पूर्व में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगे हों, उन्हें डीएमएफ से जुड़े कार्यों से दूर रखा जाना चाहिए, ताकि जनधन का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ हो सके।