गाजियाबाद। आगामी कांवड़ यात्रा-2026 को सकुशल, सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से महात्मा गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉंदड़ एवं अपर पुलिस आयुक्त श्री राज करन नैय्यर की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण क्रियान्वयन एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।बैठक में जिलाधिकारी एवं अपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता एवं उत्तरदायित्व के साथ करें।बैठक में कांवड़ मार्गों की स्थिति की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग, नगर निगम एवं संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि समस्त कांवड़ मार्गों एवं संपर्क मार्गों को पूर्णतः गड्ढामुक्त, स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखा जाए। मार्गों पर कहीं भी जलभराव, अवरोध अथवा क्षतिग्रस्त सड़क की स्थिति न रहे तथा नियमित निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के दौरान पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए कि कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात संचालन सुचारु बनाए रखने हेतु प्रभावी यातायात प्रबंधन योजना लागू की जाए। संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था पर सतत निगरानी रखी जाए।read more:https://worldtrustednews.in/yogi-government-working-to-make-youth-skilled-in-line-with-industry-demand/विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि कांवड़ मार्गों, शिविर स्थलों एवं मंदिर परिसरों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही जर्जर विद्युत तारों, खुले विद्युत संयोजनों तथा विद्युत सुरक्षा से संबंधित संभावित खतरों को तत्काल चिन्हित कर उनका निस्तारण किया जाए। विद्युत खंभों पर लटक रही प्लास्टिक सामग्री अथवा अन्य अवांछित वस्तुओं को हटाकर सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।नगर निगम, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया कि समस्त मंदिरों एवं कांवड़ मार्गों पर नियमित साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने हेतु विशेष अभियान संचालित किया जाए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, चिकित्सा सहायता, प्राथमिक उपचार केंद्र, कांवड़ शिविर, स्थायी एवं मोबाइल शौचालयों तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।बैठक में जलभराव संभावित क्षेत्रों की विशेष समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को ऐसे स्थलों पर जल निकासी, सुरक्षा प्रबंधन एवं आवश्यक बैरिकेडिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। दुर्घटनाओं की रोकथाम हेतु संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां पर्याप्त सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया।श्रद्धालुओं की सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए कांवड़ मार्गों एवं प्रमुख स्थलों पर बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कैमरों की स्थापना तथा सतत निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रभावी सूचना प्रसारण एवं जनसंपर्क के लिए सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम) स्थापित किए जाने पर बल दिया गया।बैठक में अवगत कराया गया कि कांवड़ यात्रा के सुचारु संचालन, सुरक्षा एवं समन्वय के उद्देश्य से जनपद को 11 जोन एवं 24 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन एवं सेक्टर में नामित अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपते हुए नियमित निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।समीक्षा के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि कांवड़ यात्रा अवधि में कांवड़ मार्गों पर स्थित मांस एवं मदिरा की दुकानों को नियमानुसार बंद रखा जाएगा अथवा उन्हें पूर्ण रूप से ढका जाएगा, ताकि धार्मिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित किया जा सके।खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी की रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाया जाए तथा ढाबों, रेस्टोरेंटों एवं खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर संचालक का नाम एवं निर्धारित दर सूची (रेट लिस्ट) स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं स्वच्छता के संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।बैठक में नशीले पदार्थों की बिक्री एवं सेवन पर प्रभावी रोक लगाने, प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित करने तथा पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन हेतु संबंधित विभागों को विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि कांवड़ यात्रा की निगरानी एवं समन्वय के लिए मुख्य कंट्रोल रूम मेरठ तिराहा पर स्थापित किया जाएगा, जहां से विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए व्यवस्थाओं की सतत निगरानी की जाएगी।बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निकायों, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धालु-अनुकूल बनाने हेतु सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समयावधि में पूर्ण गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित की जाएं।