आजमगढ़। आजमगढ़ पुलिस की साइबर क्राइम थाना टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 84 करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 05 मोबाइल फोन, 02 एटीएम कार्ड और 3,860 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात)/नोडल अधिकारी साइबर क्राइम पंकज कुमार तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में थाना साइबर क्राइम की टीम ने यह सफलता हासिल की।read more:https://khabarentertainment.in/call-to-embrace-dr-syama-prasad-mookerjees-ideas-bjp-organizes-an-ideological-seminar/पुलिस के अनुसार, प्रतिबिंब पोर्टल पर प्राप्त सूचना के आधार पर एक एक्सिस बैंक के खाते की जांच की गई। तकनीकी और तथ्यात्मक जांच में पता चला कि इस खाते के खिलाफ 20 राज्यों से 73 एनसीआरपी (NCRP) शिकायतें दर्ज थीं। इन शिकायतों में ऑनलाइन ट्रेडिंग और डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों से ठगी की गई थी।जांच में सामने आया कि संबंधित बैंक खाता NIHASA MANPOWER SERVICES PVT LTD नामक फर्म का था, जिसके निदेशक आनंद रॉव और सुनील हैं। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रशांत सिंह उर्फ लकी का नाम भी सामने आया। तीनों आरोपियों को 15 जुलाई 2026 की शाम हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने कमीशन के लालच में अपनी फर्म का बैंक खाता साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। इस खाते का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि के लेन-देन के लिए किया जाता था। जांच में पता चला कि 14 नवंबर 2025 से 18 नवंबर 2025 के बीच इस खाते में 4.85 करोड़ रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ था।पुलिस के अनुसार, इस खाते से जुड़ी 73 साइबर शिकायतों में कुल 83,94,17,664 रुपये (लगभग 84 करोड़ रुपये) की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आनंद रॉव निवासी कौरा गहनी, थाना दीदारगंज, सुनील निवासी सिसवारा नरवे, थाना ठेकमा तथा प्रशांत सिंह उर्फ लकी निवासी पुष्पनगर, थाना दीदारगंज, जनपद आजमगढ़ के रूप में हुई है।इस कार्रवाई को थाना साइबर क्राइम प्रभारी निरीक्षक राजकुमार सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक रजत सिंह सहित साइबर क्राइम टीम ने अंजाम दिया। पुलिस मामले में आगे की जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।