राशन दुकान चयन प्रक्रिया को गोपनीय मतदान से कराने की मांग, ग्रामीणों ने तहसील में किया आक्रोश भरा प्रदर्शन

बूढ़नपुर आजमगढ़। स्थानीय तहसील क्षेत्र के विकास खंड कोयलसा अंतर्गत ककरही गांव के ग्रामीणों ने सोमवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर सरकारी सस्ता गल्ला (राशन) दुकान के चयन की प्रक्रिया को गोपनीय मतदान के माध्यम से कराने की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में हाथ उठाकर मतदान कराना उचित नहीं होगा, जिससे मतदाताओं पर दबाव बनने और गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है।read more:https://khabarentertainment.in/excise-department-raids-dhabas/
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम सभा ककरही में सरकारी राशन की दुकान का आवंटन होना है, जिसके लिए 14 जुलाई को चयन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। गांव के चार लोग इस पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं। ऐसे में खुले मतदान की व्यवस्था निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकती है और मतदाता स्वतंत्र रूप से अपनी राय व्यक्त नहीं कर सकेंगे। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना था कि यदि हाथ उठाकर मतदान कराया गया तो पक्षपात के आरोप लग सकते हैं तथा गांव में तनाव और आपसी विवाद की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए चुनाव प्रक्रिया को गोपनीय तरीके से संपन्न कराया जाए, ताकि प्रत्येक मतदाता बिना किसी दबाव के अपनी पसंद का उम्मीदवार चुन सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई और चुनाव प्रक्रिया में गोपनीय मतदान की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगे तथा चयन प्रक्रिया में भाग नहीं लेंगे। जब भी इस संबंध मे खण्ड विकास अधिकारी कोयलसा सागर सिंह ने बताया कि इसमें गोपनीय मतदान की कोई प्रक्रिया नहीं है जिसके चलते खुले में मतदान करना ही पड़ेगा इस संबंध में उपजिलाधिकारी अभय राज पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि मतदाता ही प्रक्रिया में भाग नहीं लेना चाहते हैं तो चुनाव कराने का उद्देश्य प्रभावित होगा। ग्रामीणों की सहमति और निष्पक्षता को ध्यान में रखते हुए मतदान की व्यवस्था करना उचित रहेगा। जबकि सरकारी राशन की दुकान के चुनाव में खुली बैठक के माध्यम से ही चुनाव कराया जाता है।प्रदर्शन के दौरान रामनारायण मिश्र, रमजान सिंह, रेनू सिंह, आशीष मिश्रा, अशोक मिश्रा, सागर, इंद्रपाल यादव, लाल राजभर, सोनू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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