आई.टी.एस डेंटल कॉलेज, गाजियाबाद के ओरल इंप्लांटोलॉजी विभाग द्वारा दिनांक 10 जुलाई, 2026 को कॉर्टिकल इंप्लांटोलॉजी पर एक ज्ञानवर्धक एवं प्रायोगिक हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन सफलतापूर्वक किया गया। इस कार्यशाला में 52 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें संस्थान के दंत चिकित्सक एवं एम.डी.एस के विद्यार्थी शामिल थे, जो उन्नत इंप्लांटोलॉजी तकनीकों में अपने क्लीनिकल कौशल को विकसित करने के इच्छुक थे। read more:https://khabarentertainment.in/staff-nurse-accuses-blood-center-operator-of-sexual-harassment-intimidation-and-mental-harassment-case-registered/कार्यशाला प्रतिष्ठित कॉर्टिको-बेसल इम्प्लांटोलॉजिस्ट प्रो0 डॉ0 सचिन देव एवं उनकी टीम द्वारा संचालित की गई। उन्होंने कॉर्टिकल इंप्लांटोलॉजी तथा इमीडिएट लोडिंग प्रोटोकॉल्स पर प्रतिभागियों के साथ अपना अनुभव साझा किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बेसल एवं कॉर्टिकल इंप्लांटोलॉजी की उन्नत अवधारणाओं को स्पष्ट करना था, जिससे जटिल परिस्थितियों में बेहतर उपचार किया जा सकें।यह कार्यक्रम आई.टी.एस-द एजुकेशन ग्रुप के वाईस चेयरमैन, श्री अर्पित चड्ढा के सहयोग से आयोजित किया गया। श्री अर्पित चड्ढा का मानना है कि दंत चिकित्सकों को आधुनिक एवं साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धतियों से निरंतर अधयतन रहना चाहिए। संस्थान द्वारा इम्प्लांट डेंटिस्ट्री के माध्यम से मौखिक पुनर्वास के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपचार प्रदान किया जाता है तथा कॉर्टिकल इंप्लांटोलॉजी विशेष रूप से कमजोर हड्डी संरचना वाले मरीजों के लिए प्रभावी एवं विश्वसनीय समाधान प्रदान करती है।कार्यशाला के दौरान प्रो0 डॉ0 सचिन देव द्वारा प्रतिभागियों को कॉर्टिकोबेसल इम्प्लांटस के प्रोस्थेटिक वर्कफ़्लो, मैटेरियल साइंस, एक्सेकैड सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रोस्थेटिक डिज़ाइनिंग का लाइव प्रदर्शन तथा सीमेंटेशन प्रोटोकॉल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यशाला में डिजिटल वर्कफ़्लो एवं साक्ष्य-आधारित रिस्टोरेटिव प्रक्रियाओं पर विशेष जोर दिया गया।प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक व्याख्यानों एवं व्यावहारिक प्रदर्शन के उत्कृष्ट समन्वय की सराहना की तथा इसे अपने शैक्षणिक एवं क्लीनिकल प्रशिक्षण के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। संस्थान सदैव उन्नत उपचार पद्धतियों को अपनाने एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। संस्थान का ओरल इंप्लांटोलॉजी विभाग अत्याधुनिक अवसंरचना एवं तकनीक से सुसज्जित है, जो विद्यार्थियों एवं चिकित्सकों को वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करता है।इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को सर्वश्रेष्ठ कॉर्टिकल इंप्लांटोलॉजी उपचार के बारे में ज्ञान प्राप्त हुआ जिसके लिये सभी ने आई.टी.एस-द एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ आर.पी. चड्ढा तथा वाईस चेयरमैन श्री अर्पित चड्ढा को धन्यवाद दिया।