बहराइच ( मिहींपुरवा )। पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव-मानव संघर्ष रोकने के उद्देश्य से शुक्रवार को सुजौली रेंज के ग्राम सभा चफरिया, मजरा बलिदानपुरवा में “ग्रीन चौपाल” का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता रेंजर नीरज कुमार श्रीवास्तव ने की। कार्यक्रम में वनों एवं वृक्षों के महत्व पर विस्तार से चर्चा हुई। रेंजर ने आम जनमानस की सहभागिता से पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि पेड़-पौधे ही जीवन का आधार हैं। वनों की कटाई रोककर अधिक से अधिक पौधारोपण करने से ही पर्यावरण संतुलन बना रहेगा। गांव के प्रधान अज़ीज़ अहमद ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपने घर, खेत की मेड़ और सार्वजनिक स्थानों पर ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं और उनकी देखभाल भी करें।read more:https://pahaltoday.com/khalsa-srcc-and-ramjas-college-win-in-pspb-baba-deep-singh-basketball/ “एक व्यक्ति, एक पेड़” का संकल्प लेकर ही हम आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ हवा दे सकते हैं। गोष्ठी में वन दरोगा सुजौली अनिल कुमार पटेल और डॉक्टर छोटेलाल बाघ-मित्र ने वन्यजीवों से बचाव और सावधानियों पर ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि जंगल के पास खेत में जाते समय शोर करें, अकेले न जाएं और शाम के समय सतर्क रहें। इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्यूनतम किया जा सकता है। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को आम, अमरूद, आंवला आदि प्रजातियों के पौधे निशुल्क वितरित किए गए। ग्रामीणों ने पौधे लेकर उन्हें लगाने व संरक्षित करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामवासी, महिला समूह और वन विभाग के कर्मी उपस्थित रहे।