गाजियाबाद : इसको लेकर पिछले सप्ताह दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें क्षेत्रीय योजना-2041 के मसौदे पर विस्तार से चर्चा की गई।गाजियाबाद से मेरठ तक जा रहे आरआरटीएस (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के किनारे ग्रीन फील्ड सिटी बसाई जा सकती है। इसको लेकर पिछले सप्ताह दिल्ली में एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक हुई थी, जिसमें क्षेत्रीय योजना-2041 के मसौदे पर विस्तार से चर्चा की गई।केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री एके शर्मा व एनसीआर प्लानिंग सेल के अधिकारी मौजूद रहे।read more:https://pahaltoday.com/city-international-school-inaugurated-in-devan/
बोर्ड बैठक में शामिल जीडीए सचिव विवेक मिश्र ने बताया कि प्रमुख रूप से तीनों राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में आरआरटीएस कॉरिडोर के किनारे ग्रीन फील्ड सिटी विकसित करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श हुआ। राज्यों से संभावित भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया है। अगले दो महीने में होने वाली बैठक में ड्राफ्ट के अंतिम रूप लेने की संभावना है।एनसीआर में तेजी से बढ़ती आबादी और अनियोजित शहरीकरण के दबाव को कम करने के लिण् ग्रीन फील्ड सिटी विकसित करने की योजना बनाई जा रही है।गाजियाबाद या मेरठ को मिल सकता है मौकाएनसीआर प्लानिंग बोर्ड के सहायक समन्वयक नियोजक शिवम कसाना के अनुसार, गाजियाबाद और मेरठ दोनों जिलों में आरआरटीएस कॉरिडोर मौजूद है। ऐसे में ग्रीन फील्ड सिटी इनमें से किसी एक जिले में विकसित की जा सकती है। ग्रीन फील्ड सिटी का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल और टिकाऊ शहरी विकास सुनिश्चित करना है। यहां सड़क, सीवर, पेयजल, बिजली, पार्क, स्कूल, अस्पताल और औद्योगिक क्षेत्र जैसी सुविधाएं पहले से तय योजना के अनुरूप विकसित की जाएंगी। इनमें सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने के साथ अधिक हरित क्षेत्र, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा और स्मार्ट सिटी जैसी सुविधाओं को शामिल किया जाएगा।