डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज में ‘योग संगम’ के माध्यम से योगमय होगा 21 जून का अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस

नई दिल्ली,  आयुष मंत्रालय, भारत सरकार की दूरदर्शी पहल और वैश्विक स्तर पर योग की स्वीकार्यता को ध्यान में रखते हुए, डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज अपने प्रांगण में ‘योग संगम’ कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है इस श्रृंखला के अंतर्गत कॉलेज के स्पोर्ट्स ग्राउंड में 17 जून से 20 जून तक निरंतर उत्साहपूर्ण योग अभ्यास सत्रों का सफल संचालन किया गया इन चार दिनों में विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने योग की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास किया, जिससे कॉलेज परिसर में एक सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण का निर्माण हुआ है यह आयोजन न केवल एक औपचारिकता है, बल्कि युवाओं को प्राचीन भारतीय संस्कृति के धरोहर से जोड़ने का एक ठोस प्रयास है।read more:https://pahaltoday.com/district-supply-officer-inspected-the-farmer-registry-camp/कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. सदा नंद प्रसाद ने इस आयोजन को लेकर अत्यधिक उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि योग केवल आसन नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक कला है आज के दौर में जब मानसिक तनाव और शारीरिक शिथिलता युवाओं की मुख्य समस्या है, योग उन्हें एक संतुलित जीवन प्रदान करता है उनके कुशल मार्गदर्शन में कॉलेज की समर्पित योग समिति इस मुख्य आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है समिति की संयोजक प्रो. संगीता शर्मा और सह-संयोजक डॉ. तूलिका सनाढ्य के नेतृत्व में प्रो. राजबीर वत्स, डॉ. के. के. शर्मा, डॉ. राजबाला गौतम, डॉ. अनुराधा त्यागी, डॉ. सुनीता शर्मा, डॉ. रितु शर्मा, डॉ. विनायक, डॉ. क्रांति दीप वर्मा तथा डॉ. बरुण कुमार की टीम ने हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को सुदृढ़ किया है।21 जून 2026 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुख्य आयोजन सुबह 6:30 बजे से 7:45 बजे तक आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को योग के उन बुनियादी और प्रभावी आसनों से परिचित कराना है जो उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए अनिवार्य है कार्यक्रम के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, शलभासन, धनुरासन, पश्चिमोत्तानासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, पवनमुक्तासन, सर्वांगासन, हलासन, सेतुबंधासन और शवासन जैसे महत्वपूर्ण आसनों का समूह अभ्यास कराया गया। यह सत्र विशेष रूप से उन युवाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जो अपनी शैक्षणिक व्यस्तताओं के बीच स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते है।कॉलेज प्रशासन का यह प्रयास है कि योग केवल 21 जून तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थी इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाए इसके लिए योग समिति के सदस्यों ने विभिन्न विभागों के माध्यम से छात्रों को प्रेरित किया है कि वे न केवल कल के आयोजन में भाग ले, बल्कि अपने घरों में भी योग को नियमित करे। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित योगाभ्यास से शरीर में लचीलापन का बढ़ना मांसपेशियां का मजबूत होना पाचन तंत्र सुदृढ़ होना और मानसिक स्पष्टता आती है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई छात्र या स्टाफ किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहा है, तो विशेषज्ञों की देखरेख में उसे सरल आसनों का अभ्यास कराया जाएगा।इस आयोजन के लिए स्पोर्ट्स ग्राउंड को विशेष रूप से सुसज्जित किया गया पूरे आयोजन स्थल को योग की महत्ता दर्शाते हुए कॉलेज प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों और समस्त स्टाफ सदस्यों से आग्रह किया है कि वे इस गौरवमयी आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें। यह कार्यक्रम कॉलेज के लिए न केवल एक स्वास्थ्य उत्सव है, बल्कि वसुधैव कुटुंबकम की भावना को चरितार्थ करने का एक माध्यम भी है 21 जून की सुबह जब पूरा विश्व योग के रंग में रंगा होगा तो उस दिन डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज का यह सामूहिक योग सत्र न केवल स्वास्थ्य की दृष्टि से, बल्कि अनुशासन और एकता के प्रतीक के रूप में भी याद रखा जाएगा।

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