दो करोड़ की अष्टधातु की मूर्ति चुराने में छह गिरफ्तार,दो फरार

अखिलेश जायसवाल
सूरापुर, सुल्तानपुर।
सुल्तानपुर हलियापुर थाना क्षेत्र के मऊ गांव स्थित राम जानकी मंदिर से लगभग दो करोड़ की अष्टधातु की चोरी गई मूर्ति को पुलिस ने बरामद कर छह अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है जबकि दो फरार हो गए। पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने रविवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि बीते 29 दिसंबर को चोरों ने अष्टधातु की तीन मूर्ति चुराई थी।जिसमें दो मुकदमें क्रमशःमुअस-212धारा-457,380,411भादस, मुअस-33/19धारा 41,411,419,420,467,468भादस दर्ज हुए थे।उन्होंने बताया कि मूर्तियों का सौदा करने के दौरान रंगे हाथ अभियुक्तों को पुलिस की संयुक्त टीमों ने पकड़ लिया और लगभग दो करोड़ की मूर्ति को बरामद किया गया।
पुलिस ने तीनों मूर्तियों के कटे अंग को भी बरामद किया है। घटना पर प्रकाश डालते हुए एसपी ने बताया कि चोरी गई अष्टधातु की मूर्ति का जब सौदा करने का प्रयास किया जा रहा था कि तभी सर्विलांस सेल ,मुखबिर और गश्ती पुलिस रणनीति बनाकर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
खुलासा करने वाली टीम को कप्तान ने सराहा दिया दस हज़ार रुपये का इनाम
पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने घटना के सफल अनावरण पर पुलिस टीम को बधाई दिया और अंत में सँयुक्त टीम को ₹10000 इनाम देकर सम्मानित किया ।उन्होंने बताया कि टीम को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे सक्रिय गिरोहों को पर अंकुश लगाने का काम करें।
साल भर से हो रही थी रेकी
पुलिस अधीक्षक अनुराग वत्स ने बताया कि पकड़ा गया अभियुक्त सोनू सिंह (निवासी ग्राम बसंतपुर थाना कोतवाली देहात) ने कड़ी पूछताछ में बताया कि उसने भास्कर दुबे (निवासी ग्राम पूरे संगम दुबे थाना बल्दीराय)के साथ अवनीश त्रिपाठी (थानाआसपुर देवसरा प्रतापगढ़) व जौनपुर के विक्की ने पहले हलियापुर जाकर 150 पुरानी इस मंदिर में दर्शन करने के बहाने रेकी की थी ।अभियुक्तों के मुताबिक यह मूर्ति अंतर्राष्ट्रीय कीमत बाजार में चार से पांच करोड़ है। एसपी ने बताया कि बीते 29/30दिसम्बर की रात्रि संजय यादव ,प्रदीप यादव ,अर्जुन निषाद ,विशाल निषाद, व महेंद्र के साथ तीनों मूर्तियों को चोरी किया गया ।नमूने के तौर पर विक्की और अवनीश ने दो अलग-अलग मूर्तियों के हाथ आरी से काटकर नमूना के तौर पर ले जाकर बेचने की कोशिश किया।लेकिन इसी दरमियान वह पुलिस के बिछाए जाल में फँस गए।

माली हालत सुधारने के लिए अपराधियों ने घटना को दिया था
सुल्तानपुर मूर्ति चोरी में पकड़े गए सभी अभियुक्तों की क्राईम हिस्ट्री नहीं मिल पाई है लेकिन तह में जाने पर पता चला कि यह जल्द ही अमीर बनने के चक्कर में इस कांड को अंजाम दिया था।
एसपी ने बताया जौनपुर का विक्की बहुत ही शातिर है जो अष्टधातु की मूर्तियों में ज्यादा दिलचस्पी लेता है।
मूर्तियों को बाजार में बेचने का जिम्मा खुद जौनपुर के विक्की ने लिया था।
हालांकि एक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि अभियुक्त विक्की का रिमांड बनाकर उससे पूछताछ की जाएगी जिससे अन्य जिलों से चुराई गई कीमती मूर्तियों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।

खुलासे में यह रहे शामिल
अधीक्षक अनुराग वत्स ने बताया कि खुलासे में स्वाट टीम के प्रभारी एसआई रतन शर्मा ,एसआई अनूप सिंह,एसआई सुशील कुमार,आरक्षी तेजभान,आरक्षी हेमंत कुमार,आरक्षी समरजीत,धनंजय यादव तथा हलियापुर थाने के प्रभारी अशोक कुमार ,उप निरीक्षक सुशील कुमार ,आरक्षी अमित सिंह, आरक्षी पिंकू लाल वहीं सर्विलांस टीम के पवनेश यादव,अनुराग आदि शामिल रहे।

कैसे परखे अष्टधातु की गुणवत्ता
सुल्तानपुर बदमाशों के पास अष्टधातु की मूर्ति की गुणवत्ता परखने में देशी फार्मूला अपनाते हैं।मसलन मूर्ति के पास यदि चावल के दाने लेकर जाए वह उन दानों को आकर्षित करता है।चावल के दाने हरकत में आ जाते हैं ।वहीं मूर्ति के पास चुंबक रखने पर वह दूर हो जाता है तीसरे तरीके में यह कि चलती घड़ी नजदीक लाने पर वह बन्द हो जाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed