नई दिल्ली। केंद्र सरकार के वर्तमान कार्यकाल के दो साल पूरे होने के अवसर पर केंद्रीय मंत्रिमंडल में जल्द ही फेरबदल और विस्तार की अटकलें तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी के हालिया संगठनात्मक और रणनीतिक कदमों ने इन कयासों को हवा दी है। इन कदमों में दो केंद्रीय मंत्रियों को राज्य इकाइयों की अहम जिम्मेदारी सौंपना और दो अन्य को राज्यसभा के लिए दोबारा नामांकित न करना शामिल है। राजनीतिक गलियारों में हलचल तब और बढ़ गई जब भाजपा ने आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए पांच राज्यों से 11 नेताओं को नामांकित किया, लेकिन इस सूची से दो केंद्रीय मंत्रियों—रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का नाम गायब रहा। इन दोनों मंत्रियों की राज्यसभा सदस्यता 21 जून को समाप्त हो रही है। पंजाब से कांग्रेस के पूर्व सांसद बिट्टू वर्तमान में राजस्थान से राज्यसभा सदस्य हैं, जबकि केरल के मूल निवासी कुरियन मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं।read more:https://pahaltoday.com/peepal-pakad-and-banyan-trees-are-a-boon-for-life-mohammad-shakib/प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 72 सदस्यीय केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 9 जून 2024 को शपथ ग्रहण की थी। इस मंत्रिपरिषद में वर्तमान में 30 कैबिनेट मंत्री, 5 स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और 36 राज्य मंत्री शामिल हैं। गौरतलब है कि मोदी सरकार के पिछले दो कार्यकालों के दौरान भी सरकार के दो साल पूरे होने के ठीक बाद जुलाई 2016 और जुलाई 2021 में मंत्रिपरिषद का फेरबदल और विस्तार किया गया था। इस बार भी वैसा ही पैटर्न दिखने की उम्मीद जताई जा रही है। आगामी 18 जून को 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों के साथ महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा में उपचुनाव होने हैं, जिसके लिए नामांकन की अंतिम तारीख 8 जून है। संवैधानिक नियमों के अनुसार, मंत्रिपरिषद का आकार लोकसभा की कुल सदस्य संख्या का अधिकतम 15 प्रतिशत हो सकता है। सरकार के दो साल पूरे होने और मंत्रियों के सदन के कार्यकाल के समीकरणों को देखते हुए इस सप्ताह मंत्रिमंडल में बड़े बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।