सोनभद्र। तहसील दुद्धी क्षेत्र निवासी उमा प्रसाद उर्फ उमंग गुप्ता ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई सूचनाएं समय से उपलब्ध न कराए जाने तथा शिकायतों पर कार्रवाई न होने का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री सहित उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।read more:https://pahaltoday.com/a-program-was-organized-on-the-theme-of-save-the-farm-campaign/शिकायत कर्ता उमा प्रसाद का कहना है कि उन्होंने अपने प्रकरण से संबंधित अभिलेख प्राप्त करने के लिए विभिन्न विभागों में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन दिया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर वांछित सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। उनका आरोप है कि जन सूचना अधिकारियों द्वारा पूर्ण एवं स्पष्ट जानकारी देने के बजाय भ्रामक और अपूर्ण सूचनाएं भेजी गईं। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर मुख्य सचिव (राजस्व), जिलाधिकारी सोनभद्र, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) सहित अन्य सक्षम अधिकारियों को कई बार लिखित शिकायतें भेजी गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे उन्हें मानसिक, आर्थिक एवं प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रार्थी ने मांग की है कि यदि संबंधित अभिलेख उपलब्ध हैं तो उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए और यदि अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि सूचना का अधिकार अधिनियम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बनाया गया है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली इस उद्देश्य के विपरीत दिखाई दे रही है। उमा प्रसाद ने बताया कि उन्होंने पूरे प्रकरण से संबंधित विस्तृत शिकायत मुख्यमंत्री को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजी है तथा मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास अब तक की गई पत्राचार, शिकायतों और कार्रवाई का 26 पृष्ठों का विस्तृत दस्तावेज उपलब्ध है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक किया जा सकता है।