जनपद गाजियाबाद के मोदीनगर क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पैसों के लेन-देन से परेशान एक युवक ने आत्मदाह की कोशिश करते हुए जहर खा लिया। युवक का आरोप है कि उससे करीब साढ़े पंद्रह लाख रुपये लिए गए, लेकिन रकम वापस नहीं की गई। फिलहाल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है।मोदीनगर क्षेत्र के रहने वाले नैतिक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उत्कर्ष त्यागी नाम के युवक ने उससे करीब पंद्रह लाख पचास हजार रुपये लिए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी पैसे वापस नहीं किए गए। नैतिक का कहना है कि जब उसने अपने पैसे वापस मांगे तो उसे लगातार धमकियां दी जाने लगीं। पीड़ित ने सुसाइड पत्र भी लिखा पीड़ित नैतिक के मुताबिक उसने दबाव बनाने के लिए उत्कर्ष त्यागी की एक गाड़ी रुकवा ली थी, जिसके बाद उस पर समझौते का दबाव बनाया जाने लगा। नैतिक ने आरोप लगाया कि अलग-अलग लोगों और राजनीतिक पहुंच का इस्तेमाल कर उसे डराने और दबाव में लेने की कोशिश की गई। मैं तीन दिन से आईसीयू में भर्ती हूं।उत्कर्ष त्यागी ने मेरे साढ़े पंद्रह लाख रुपये लिए थे। पैसे वापस नहीं दिए मुझे लगातार धमकाया गया। मंत्री और कई लोगों से समझौते का दबाव बनवाया गया, पुलिस मेरी सुनवाई नहीं कर रही थी। परेशान होकर मैंने जहर खा लिया। जहर खाने के बाद नैतिक की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे मोदीनगर के जीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज जारी है। मामले के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है।read more:https://pahaltoday.com/a-program-was-organized-on-the-theme-of-save-the-farm-campaign/वहीं अब इस पूरे मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि उसने कई बार शिकायत की, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच की बात कह रही है। फिलहाल नैतिक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है, जबकि पुलिस आरोपों की जांच में जुटी हुई है। बड़ा सवाल यही है कि अगर समय रहते शिकायत पर कार्रवाई होती, तो क्या यह नौबत आती?