बिजनौर। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश के बैनर तले मंगलवार को पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने सरकार से मानदेय वृद्धि सहित पांच प्रमुख मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।read more:https://pahaltoday.com/the-examination-will-be-held-on-june-3-and-4-at-6-examination-centers-in-the-district-8220-candidates-will-appear-for-the-tgt-examination/प्रदर्शनकारियों का कहना था कि पंचायत सहायक ग्राम पंचायतों में डिजिटल सेवाओं, सरकारी योजनाओं के संचालन, अभिलेखों के संधारण एवं जनहित से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें मात्र 6 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में पर्याप्त नहीं है। ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने अपना मानदेय बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने अथवा न्यूनतम कुशल श्रमिक मजदूरी के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। इसके अलावा अनुबंध प्रणाली समाप्त कर स्थायी सेवा नियमावली लागू करने, विवाह उपरांत महिला पंचायत सहायकों के स्थानांतरण की व्यवस्था करने, ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण देने तथा पंचायत सहायकों एवं उनके परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान पंचायत सहायकों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि ग्राम पंचायत स्तर पर शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए सरकार को उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के समस्त पंचायत सहायक आगामी 15 जून 2026 को लखनऊ स्थित ईको गार्डेन में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में पंचायत सहायकों ने भाग लेकर अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।