विकासखंड बांकेगंज की ग्राम पंचायत ग्रांट नंबर 10 व 11 के अंतर्गत दर्जनों गांव में चल रही आंगनबाड़ी केंद्रों का भ्रमण किया गया तो कुछ केंद्र बंद मिले कुछ केंद्र पर एक दो बच्चे ही बैठे मिले जब बच्चों एवं ग्रामीणों से पूछा की आंगनवाड़ी केंद्र पर बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है कि नहीं तो जवाब था की कभी भी यहां पर बच्चों को बनाकर पका पकाया भोजन नहीं दिया जाता है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है की *इसमें आंगनवाड़ी/सुपरवाइजर/ सीडीपीओ की मिली भगत के चलते योजना पूर्ण रूप से ध्वस्त पड़ी है जबकि प्रति महीने बच्चों को पका पकाया भोजन उपलब्ध कराने के लिए कच्चा राशन उपलब्ध कराया जाता है और इसको बनाने के लिए गैस सिलेंडर चूल्हा बर्तन बच्चों को खाने के लिए प्लेट पानी पीने के लिए ग्लास और स्वच्छ पानी रखने के लिए पानी की टंकी बहुत पहले से ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा चुकी है। read more:https://pahaltoday.com/could-not-conduct-even-a-single-examination-honestly-and-still-claims-to-be-the-world-guru/लेकिन जिम्मेदार *अधिकारियों की उदासीनता के चलते बच्चों के पोषण के साथ खिलवाड़ कर यह अधिकारी जमकर बंदर बाट करने में लगे हुए हैं ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए* और बच्चों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों पर सुचारू रूप से संचालित की जानी चाहिए।