बाराबंकी। जिले में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। विकास खंड निन्दूरा के ग्राम गुमगौर कुर्सी में लगभग 23 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्माणाधीन मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय (प्री-प्राइमरी से माध्यमिक स्तर) परियोजना का सोमवार को जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, कार्य प्रगति, सुरक्षा मानकों और कार्यदायी संस्था द्वारा कराए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना का कार्य पूरी गुणवत्ता और तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री मॉडल विद्यालय प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी परियोजना है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, घटिया सामग्री या मानकों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्य गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा किया जा चुका है और शेष निर्माण कार्य भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने आगामी मानसून को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।read more:https://pahaltoday.com/website-closed-but-deepak-will-return-on-a-new-platform/उन्होंने कहा कि परिसर में जिन स्थानों पर बारिश के दौरान जलभराव की आशंका है, वहां पहले से मिट्टी पटाई और समतलीकरण का कार्य पूरा कर लिया जाए ताकि निर्माण कार्य प्रभावित न हो। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल पर प्रयुक्त हो रही सामग्री की गुणवत्ता का भी गहन निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी निर्माण सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही इस्तेमाल की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी भविष्य में गंभीर समस्या बन सकती है, इसलिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जाए। डीएम ईशान प्रताप सिंह ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों की उपलब्धता, कार्यस्थल की व्यवस्थाओं और कार्य की गति की भी समीक्षा की। उन्होंने जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और श्रमिक लगाकर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि परियोजना में किसी प्रकार की बाधा आती है तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए ताकि कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सके। मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। विद्यालय में प्री-प्राइमरी से माध्यमिक स्तर तक की शिक्षा के साथ आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल सुविधाएं और बेहतर शैक्षिक वातावरण विकसित किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक, कार्यदायी संस्था सी एंड डी एस के परियोजना प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।