नजीबाबाद / बिजनौर । जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने निजी अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नजीबाबाद क्षेत्र स्थित कृष्णा नर्सिंग होम में कथित लापरवाही के चलते महज साढ़े तीन साल के मासूम बच्चे की जान चली गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और लोग अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।read more:https://pahaltoday.com/sacrifice-gives-the-message-of-patience-and-love-maulana-arafat-hussain-ashrafi/बताया जा रहा है कि मासूम बच्चा अस्पताल परिसर में खेल रहा था। इसी दौरान खुले में असुरक्षित तरीके से रखे गए ऑक्सीजन सिलेंडरों में से एक भारी सिलेंडर अचानक बच्चे के ऊपर गिर पड़ा। हादसा इतना भयावह था कि बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। आनन-फानन में उसे उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि अस्पताल परिसर में ऑक्सीजन सिलेंडर खुले में बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के खड़े थे। इतना ही नहीं, अस्पताल परिसर में बिजली के खुले तार और लटकते विद्युत बॉक्स भी दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से चिंता जता रहे थे। मासूम की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जहां लोगों की जिंदगी बचाने की जिम्मेदारी होती है, वहां यदि इस तरह की लापरवाही बरती जाएगी तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पताल के बाहर जमा हो गए और कृष्णा नर्सिंग होम के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल को सील करने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि अस्पताल में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया होता और ऑक्सीजन सिलेंडरों को सुरक्षित तरीके से रखा गया होता, तो मासूम की जान बच सकती थी। लोगों का यह भी कहना है कि केवल जांच और आश्वासन से परिवार को न्याय नहीं मिलेगा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर बहस छेड़ दी है। लोगों का कहना है कि अस्पतालों में नियमित सुरक्षा ऑडिट और प्रशासनिक निगरानी बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। फिलहाल पूरे क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल है। हर किसी की जुबान पर बस एक ही सवाल है — आखिर इस मासूम की मौत का जिम्मेदार कौन?