नजीबाबाद में होटल कारोबारियों पर दबाव बनाकर कथित रंगदारी और अवैध वसूली करने वाले गिरोह के मामले में पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पहले केवल होटल में घुसकर मारपीट और पैसों की मांग का मामला माना जा रहा था, लेकिन अब जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से होटल संचालकों को बदनाम करने और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उगाही करता था।
हरिद्वार रोड स्थित राजन होटल में हुई घटना के बाद पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए एक महिला समेत चारों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं, जिनके आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।read more:https://pahaltoday.com/environment-conservation-seminar-organized-on-international-biodiversity-day/
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से फर्जी पहचान पत्रों और प्रभावशाली लोगों के नाम का इस्तेमाल कर होटल एवं गेस्ट हाउस संचालकों पर दबाव बनाते थे। गिरोह पहले होटल में पहुंचकर माहौल बनाता, फिर रजिस्टर, आईडी और कमरों की जानकारी लेने के बहाने संचालकों को डराने का प्रयास करता था। इसके बाद कार्रवाई, बदनामी और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने का भय दिखाकर पैसों की मांग की जाती थी। सूत्रों के मुताबिक, राजन होटल मामले में भी आरोपियों ने होटल का रजिस्टर और चाबियां अपने कब्जे में लेकर संचालक को ऊपर ले जाकर दबाव बनाया था। पुलिस का कहना है कि मामले में मारपीट, धमकी और अवैध वसूली से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। साथ ही मोबाइल फोन और ऑनलाइन लेनदेन की भी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि गैंग नकद के अलावा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए भी रकम वसूलता था। मामले के सामने आने के बाद जिले के होटल कारोबारियों में दहशत का माहौल है। कई होटल संचालकों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से कुछ लोग अचानक होटल में पहुंचकर दबाव बनाते थे। बदनामी और विवाद के डर से कई लोग खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे थे। अब पुलिस कार्रवाई के बाद अन्य पीड़ितों के भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह केवल बिजनौर जिले तक सक्रिय था या आसपास के अन्य जिलों में भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य मामलों की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ और गंभीर धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। घटना ने होटल और गेस्ट हाउस कारोबार से जुड़े लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारिक संगठनों ने पुलिस से मांग की है कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि कारोबारी बिना भय के अपना व्यवसाय कर सकें। फिलहाल थाना नजीबाबाद पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए साक्ष्य जुटाने और नेटवर्क खंगालने में लगी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।