एलपीजी संकट की खबरों पर सरकार का जवाब: ‘देश में गैस की कोई कमी नहीं’

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर संकट की आशंकाओं के बीच भारत में एलपीजी यानी रसोई गैस की कमी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में आई एक अंतर्राष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत को रोजाना करीब 4 लाख बैरल एलपीजी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि केंद्र सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य बनी हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बयान जारी कर कहा कि देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी उत्पादन को बढ़ाकर लगभग 46,000 से 47,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में 1.32 करोड़ बुकिंग के मुकाबले 1.34 करोड़ घरेलू गैस सिलेंडर डिलीवर किए गए हैं, जिससे साफ है कि सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है। होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता बनी चुनौती सरकार के मुताबिक भारत अपनी जरूरत का करीब 60 फीसदी एलपीजी आयात करता है और इसमें लगभग 90 फीसदी हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आता रहा है। ऐसे में क्षेत्रीय तनाव के कारण सप्लाई बाधित होने की आशंका बनी थी। हालांकि सरकार ने स्थिति संभालने के लिए वैकल्पिक देशों से आयात बढ़ाने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने जैसे कई बड़े कदम उठाए हैं। क्या कहती है निक्केई एशिया की रिपोर्ट नेक्केई एशिया की रिपोर्ट में डेटा फर्म केप्लर के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया गया था कि अप्रैल में भारत का एलपीजी आयात घटकर 3,77,620 बैरल प्रतिदिन रह गया, जबकि फरवरी में यह 8,51,870 बैरल प्रतिदिन था।read more:https://pahaltoday.com/aadhaar-will-be-made-free-for-children-aged-7-to-15-years-till-september-30-2026-and-can-also-be-updated-dm/रिपोर्ट में कहा गया कि भारत ने मिडिल ईस्ट के अलावा ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, चिली और ईरान जैसे देशों से एलपीजी खरीद बढ़ाने की कोशिश की है। हालांकि इन देशों से आने वाली सप्लाई मात्रा और समय दोनों के लिहाज से चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का प्लान-बी बना राहत एलपीजी संकट की आशंकाओं के बीच सरकार ने कई रणनीतिक फैसले लिए। इनमें घरेलू उत्पादन बढ़ाना, सप्लाई नेटवर्क मजबूत करना और आयात के स्रोतों में विविधता लाना शामिल है। सरकार ने गैस सिलेंडर बुकिंग की टाइमलाइन में भी बदलाव किए ताकि उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी मिल सके। इससे संभावित संकट का असर काफी हद तक कम हुआ है। गैस सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी इस बीच तेल कंपनियों ने घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी भी की है। मार्च में घरेलू 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। वहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में दो बार इजाफा हुआ और 1 मई 2026 को इसकी कीमत में करीब 993 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। तेल कंपनियों ने अफवाहों से बचने की अपील की एचपीसीएल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर कहा कि तेल और गैस की सप्लाई में किसी तरह की रुकावट नहीं है। कंपनी ने कहा कि उसके सभी रिटेल आउटलेट्स पर सप्लाई सामान्य है और संचालन बिना किसी बाधा के जारी है। कंपनी ने लोगों से अपील की कि वे घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।

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