एसडीएम और तहसीलदार कार्यालयों में प्राइवेट कर्मियों की तैनाती पर उठे सवाल, गोपनीय फाइलों की सुरक्षा पर मंडराया खतरा

गाजीपुर जमानियां। तहसील प्रशासन में सरकारी कार्यों के लिए प्राइवेट और आउटसोर्सिंग कर्मियों की बढ़ती तैनाती अब गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। एसडीएम और तहसीलदार कार्यालयों में संवेदनशील राजस्व अभिलेखों, पारिवारिक विवादों, शस्त्र लाइेंस, जांच रिपोर्टों और न्यायिक मामलों से संबंधित फाइलों का कार्य कथित तौर पर प्राइवेट कर्मियों से कराए जाने को लेकर स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि इससे आम जनता की निजी और गोपनीय सूचनाओं के लीक होने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।read more:https://pahaltoday.com/shri-durga-ji-mandir-dharma-jagran-and-seva-samiti-has-been-quenching-the-thirst-of-passersby-in-the-scorching-heat-for-29-years/स्थानीय लोगों का आरोप है कि तहसील परिसर में खुलेआम प्राइवेट कर्मी सरकारी दस्तावेजों की देखरेख कर रहे हैं और अधिकारी भी उनके माध्यम से कार्य करा रहे हैं। इससे प्रशासनिक गोपनीयता और सरकारी अभिलेखों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा हो गया है। लोगों का कहना है कि भूमि विवाद, राजस्व अभिलेख, अदालती आदेश, जांच रिपोर्ट और व्यक्तिगत जानकारी जैसे संवेदनशील दस्तावेज आसानी से कॉपी या लीक किए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, कंप्यूटर सिस्टम और पासवर्ड तक प्राइवेट ऑपरेटरों की पहुंच होने की आशंका भी जताई जा रही है।

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